ग्राउंड रिपोर्ट: आधी रात को उठा दर्द, फिर शुरू हुआ ‘मौत’ से मुकाबला; स्वास्थ्य कर्मियों की मुस्तैदी ने बचाई 80 जानें

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ग्राउंड रिपोर्ट: आधी रात को उठा दर्द, फिर शुरू हुआ ‘मौत’ से मुकाबला; स्वास्थ्य कर्मियों की मुस्तैदी ने बचाई 80 जानें कुनकुरी (जशपुर) केराडीह बाजार में गुरुवार की शाम सब कुछ सामान्य था। कोई दो गुपचुप खा रहा था तो कोई पांच। किसी को अंदाजा नहीं था कि स्वाद का यह चस्का चंद घंटों बाद जान पर बन आएगा। गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात जब पूरा इलाका सो रहा था, तभी कई घरों में चीख-पुकार मच गई। किसी के पेट में मरोड़ उठी, तो कोई उल्टियां करने लगा। सुबह होते-होते आधे दर्जन से ज्यादा गांवों का हाल बेहाल हो चुका था। मितानिन और नर्स बनीं ‘फरिश्ता’ जब डड़गांव में घर-घर से उल्टियों की आवाजें आने लगीं, तब स्थानीय मितानिन ने मोर्चा संभाला। उसने देखा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है। मितानिन ने बिना वक्त गंवाए तुरंत नर्स को खबर दी और खुद पीड़ितों को घर-घर जाकर ORS का घोल पिलाना शुरू किया। सूचना मिलते ही नर्स भी दौड़ते हुए गांव पहुंची और बीएमओ कुनकुरी को अलर्ट किया। बीएमओ ने खुद संभाला मोर्चा, गांवों में ही शुरू हुआ इलाज जैसे ही बीएमओ डॉ. श्रीमती के. कुजूर को पता चला कि केवल एक नहीं, बल्कि सात-आठ गांवों से ऐसे ही मामले आ रहे हैं, उन्होंने तत्काल स्वास्थ्य अमले को अलर्ट कर खुद मैदान में उतरने का फैसला किया। गांव में ड्रिप: अस्पतालों में भीड़ न बढ़े और मरीजों को तुरंत राहत मिले, इसके लिए डॉक्टरों की टीम ने घरों में ड्रिप (बोतल) चढ़ाना शुरू कर दिया। रेस्क्यू: गंभीर रूप से निढाल हो चुके मरीजों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल शिफ्ट किया गया। मरीजों की जुबानी: “स्वाद ने कर दिया था लाचार” अस्पताल में भर्ती मरीजों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया— “हमने तो बस 2-4 गुपचुप खाए थे, लेकिन रात 2 बजे के बाद जो हालत हुई, लगा कि अब नहीं बचेंगे।” मरीजों और उनके परिजनों की आंखों में अब राहत के आंसू हैं। वे डॉ. कुजूर, नर्सों और मितानिनों का हाथ जोड़कर धन्यवाद कर रहे हैं, जिन्होंने देवदूत बनकर उनकी जान बचाई। दोषियों पर होगी कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार कर ली है। दाराखरिका गांव के उस गुपचुप विक्रेता, जिसके कारण 80 से ज्यादा लोगों की जान जोखिम में पड़ी, उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। खाद्य विभाग की टीम भी जल्द ही क्षेत्र में सैम्पलिंग शुरू करेगी।  

जशपुर में कृषि क्रांति 2.0: विधायक गोमती साय ने किया तीन दिवसीय भव्य मेले का आगाज़, देश भर की कंपनियों की नजर जशपुर के काजू और जीरा फूल चावल पर

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जशपुर में कृषि क्रांति 2.0: विधायक गोमती साय ने किया तीन दिवसीय भव्य मेले का आगाज़, देश भर की कंपनियों की नजर जशपुर के काजू और जीरा फूल चावल पर कुनकुरी (जशपुर) | 23 मार्च 2026 खास बातें (Highlights): उद्घाटन: पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने फीता काटकर मेले की शुरुआत की। आयोजन: कुनकुरी कृषि महाविद्यालय में तीन दिवसीय ‘कृषि क्रांति एक्सपो 2.0’। बड़ी डील: जीरा फूल चावल, काजू, टाऊ और आम की खरीदी के लिए कंपनियों ने दिखाया भारी उत्साह। मकसद: किसानों और बड़ी कंपनियों के बीच सीधा व्यापारिक संवाद (Buyer-Seller Meet)। जशपुर – छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में खेती-किसानी को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय के प्रांगण में तीन दिवसीय ‘कृषि क्रांति एक्सपो 2.0’ का शानदार आगाज हुआ। इस भव्य मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जशपुर की माटी में पैदा होने वाली फसलों की खुशबू अब सात समंदर पार तक जाएगी। कंपनियों और किसानों का सीधा संवाद इस एक्सपो की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ देश भर की नामी कृषि आधारित कंपनियां सीधे किसानों से रूबरू हो रही हैं। जिला प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए किसानों ने बताया कि अब उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना होगा। वे अपनी उपज की गुणवत्ता और मार्केटिंग को लेकर सीधे कंपनियों से चर्चा कर रहे हैं। कलेक्टर रोहित व्यास की ‘ब्रांड जशपुर’ रणनीति कलेक्टर रोहित व्यास ने जानकारी दी कि यह ‘कृषि क्रांति एक्सपो’ का दूसरा वर्ष है। उन्होंने कहा— “जशपुर जिले में पैदा होने वाली फसलों और फलों के प्रोडक्ट्स की मांग अब देशभर में होने लगी है। यह एक ऐसा मंच है जहाँ क्रेता और विक्रेता के बीच सीधा संवाद हो रहा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके।” इन उत्पादों की मची है धूम मेले के मीटिंग हॉल में जशपुर के खास उत्पादों को लेकर कंपनियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। विशेष रूप से निम्नलिखित उत्पादों की ट्रेडिंग और मार्केटिंग पर सत्र चल रहे हैं: जीरा फूल सुगंधित चावल: अपनी खुशबू के लिए मशहूर। काजू और टाऊ: जशपुर की पहचान बन चुके ये उत्पाद। रामतिल और मूंगफली: व्यापारिक संभावनाओं से भरपूर। दशहरी और आम्रपाली आम: सीजन से पहले ही कंपनियों ने खरीदी में दिलचस्पी दिखाई है। एक्सपर्ट्स दे रहे हैं ट्रेनिंग तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में केवल प्रदर्शनी ही नहीं, बल्कि विभिन्न तकनीकी सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को आधुनिक खेती, फसलों की प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग के गुर सिखाए जा रहे हैं।

जशपुर में 2.10 लाख अवैध ईंटें जब्त, पर ‘तस्वीरें’ गायब; क्या अपनी किरकिरी बचाने के लिए खनिज विभाग ने चली चाल?

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जशपुर में 2.10 लाख अवैध ईंटें जब्त, पर ‘तस्वीरें’ गायब; क्या अपनी किरकिरी बचाने के लिए खनिज विभाग ने चली चाल? प्रेस नोट की हकीकत जानने पत्रकारों का दल जाएगा पम्पशाला जशपुरनगर, 18 मार्च 2026 – जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ खनिज विभाग की ‘बड़ी कार्रवाई’ अब सवालों के घेरे में है। फरसाबहार के ग्राम पमशाला में प्रीतमलाल प्रजापति के ईंट भट्ठे पर 2 लाख 10 हजार नग अवैध ईंटें जब्त करने का दावा तो किया गया है, लेकिन पत्रकारों के मैसेज के बाद भी इस पूरी कार्रवाई की फोटो या वीडियो विभाग ने जनसंपर्क कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई है। प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या विभाग ने अपनी पिछली विफलताओं और सोशल मीडिया पर हो रही किरकिरी को दबाने के लिए केवल कागजी आंकड़ों का सहारा लेकर ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ किया है? किरकिरी खत्म करने वाली कार्रवाई या महज ‘प्रेस नोट’ का खेल?   आमतौर पर खनिज विभाग जब भी बड़ी कार्रवाई करता है, तो मौके की तस्वीरें और वीडियो साक्ष्य के तौर पर मीडिया को दिए जाते हैं। पमशाला जैसे मामले में, जहां 2 लाख से ज्यादा ईंटें और ‘VIP’ ब्रांड के भट्ठे पर कार्रवाई की बात कही जा रही है, वहां विजुअल्स,फोटोज का न होना शंका पैदा करता है। जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ समय से अवैध परिवहन को लेकर विभाग की काफी आलोचना हो रही थी, जिससे बचने के लिए जनसंपर्क विभाग के माध्यम से यह समाचार प्रसारित कराया गया हो सकता है। क्या है खान एवं खनिज अधिनियम 1957 की ‘धारा 21’ और इसका विस्तार? AI जनरेटेड इस मामले में विभाग ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आइए समझते हैं कि यह धारा कितनी शक्तिशाली है और इसके तहत क्या कार्रवाई होती है: 1. अवैध खनन पर पूर्ण प्रतिबंध (Section 21.1): यह धारा स्पष्ट करती है कि जो कोई भी इस अधिनियम की शर्तों का उल्लंघन कर खनिज (जैसे ईंट के लिए मिट्टी) का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करता है, उसे 5 साल तक की जेल या 5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक का जुर्माना (या दोनों) हो सकता है। 2. जब्त सामग्री पर सरकारी कब्ज़ा (Section 21.4): इस उपधारा के तहत, यदि कोई अधिकारी अवैध खनन पाता है, तो वह न केवल खनिज (ईंटें), बल्कि उसमें इस्तेमाल हुए औजार, मशीनरी और वाहनों को भी जब्त कर सकता है। 3. मूल्य की वसूली (Section 21.5): यदि अवैध रूप से निकाला गया खनिज कहीं और भेज दिया गया है, तो सरकार उस व्यक्ति से उस खनिज का बाजार मूल्य और रॉयल्टी वसूलने का हक रखती है। 4. पुलिस और मजिस्ट्रेट की शक्ति: धारा 21 के तहत दर्ज मामलों में प्रशासन को यह शक्ति होती है कि वह आरोपी के खिलाफ सीधे कोर्ट में मामला चलाए। यह एक गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में भी आ सकता है यदि उल्लंघन गंभीर प्रकृति का हो। स्थानीय लोगों के सवाल स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई तो हुई है, लेकिन “VIP” मार्क वाले ईंट भट्ठों के असली मालिकों पर हाथ डालने के बजाय विभाग केवल छोटे मोहरों पर कार्रवाई कर इतिश्री कर लेता है। अब फोटो और वीडियो का न होना इस शक को और पुख्ता कर रहा है कि कहीं पर्दे के पीछे कोई ‘सेटिंग’ तो नहीं चल रही? अवैध ईंट भट्ठे बीस सालों से चल रहे हैं जिसमें बीजेपी और कांग्रेस दोनों की सरकारें रहीं हैं।कांग्रेस कार्यकाल में एक भी भट्ठे पर खनिज विभाग ने यदि कोई कार्रवाई की भी हो तो उसे सार्वजनिक नहीं किया। बहरहाल,खनिज विभाग ने कार्रवाई का दावा कर अपनी पीठ तो थपथपा ली है, लेकिन बिना विजुअल साक्ष्यों के यह खबर दावों और हकीकत के बीच झूल रही है। क्या वाकई 2.10 लाख ईंटें जब्त हुई हैं या यह केवल अपनी किरकिरी रोकने के लिए ‘सरकारी पीआर’ का हिस्सा है? बड़ा सवाल: अगर कार्रवाई इतनी पारदर्शी और सख्त थी, तो विभाग के पास इसकी एक भी फोटो या वीडियो क्यों नहीं है? नोट : इस खबर में प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई है । AI GAMINI 

जशपुर: कुनकुरी में जैन मुनिश्री प्रमाण सागर का भव्य मंगल प्रवेश, मीडिया को दी नसीहत— “युद्ध की चर्चा छोड़, शांति का पुरुषार्थ करें”

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जशपुर: कुनकुरी में जैन मुनिश्री प्रमाण सागर का भव्य मंगल प्रवेश, मीडिया को दी नसीहत— “युद्ध की चर्चा छोड़, शांति का पुरुषार्थ करें” जशपुर (कुनकुरी) | छत्तीसगढ़ के राजकीय अतिथि, प्रख्यात जैन संत मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज का जशपुर जिले के कुनकुरी शहर में गौरवशाली शुभागमन हुआ। मध्यप्रदेश के भोपाल से पावन तीर्थ सम्मेद शिखर जी के विहार पर निकले मुनिश्री का स्थानीय जैन समाज सहित सर्व समाज ने गाजे-बाजे और पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया। मुनिश्री के आगमन से पूरे जशपुर वनवासी अंचल में एक सुंदर आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। मीडिया से संवाद: “युद्ध की चर्चा से हमें क्या मिलेगा?” कुनकुरी प्रवास के दौरान मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज ने मीडिया से विशेष चर्चा की। विश्व में जारी संघर्षों और नकारात्मकता पर उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा: “हम विहारी हैं और विहार कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के जो संस्कार हैं, जो यहां के लोग प्रेम देते हैं, अच्छे हैं। मेरा संदेश कहेंगे तो मैं यही कहूंगा कि सभी लोग अपने जीवन को सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में लगाएं। समस्याओं की तरफ देखने की जगह समाधान के रास्ते में कितनी तकनीकी का उपयोग करें पर तकनीकी के आदी ना बनें।” मुनिश्री ने मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए आगे कहा: “मीडिया के माध्यम से इस समय मैं यही कहना चाहूंगा कि युद्ध और संघर्ष की चर्चा करने की जगह शांति की प्रार्थना करें। दिनभर युद्ध की रिपोर्ट प्रसारित कर रहे हैं क्यों ना वैश्विक स्तर पर एक साथ लोगों को शांति की प्रार्थना में लगाएं, जिससे लोगों को सद्बुद्धि आए। युद्ध की चर्चा करने से हमें क्या मिलेगा? हम सकारात्मक भाव तरंग सर्वत्र उत्पन्न करें जो लोग, जो शक्तियां युद्ध के लिए उन्मादी बनी हुई हैं, उनकी बुद्धि नियंत्रित हो तो अच्छा होगा। एक सकारात्मक प्रयास हो सारे विश्व में ही युद्ध की ही चर्चा है हम न युद्ध की चर्चा करें ना युद्ध की चिंता करें। शांति का पुरुषार्थ करें।” श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब, अब जशपुर की ओर विहार मुनिश्री के प्रवचन कार्यक्रम और शंका समाधान सत्र में भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, कुनकुरी नगरपंचायत अध्यक्ष विनयशील ने भी अपनी शंकाओं का समाधान पाया।कुनकुरी के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से आए लोग भी मुनिश्री का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। कुनकुरी युवा संघ के रवि जैन ने बताया कि मुनिश्री का प्रवास कुनकुरी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने मुनिश्री के निरंतर विहार पर प्रकाश डालते हुए कहा: “बहते पानी को कोई रोक नहीं सकता। मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज का अब कुनकुरी शहर में विहार के बाद जशपुर की ओर विहार होगा, जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।” कुनकुरी में धर्म की प्रभावना करने के बाद, मुनिश्री अब सम्मेद शिखर की अपनी यात्रा को जारी रखते हुए जशपुर की ओर प्रस्थान करेंगे। पूरा क्षेत्र उनके दर्शन और वंदन के लिए उत्साहित है।

न्याय के मंदिर में बाल श्रम का आरोप: न्यायालय परिसर में शौचालय निर्माण में बच्चों से काम कराने की शिकायत, पुलिस जांच में जुटी

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न्याय के मंदिर में बाल श्रम का आरोप: न्यायालय परिसर में शौचालय निर्माण में बच्चों से काम कराने की शिकायत, पुलिस जांच में जुटी जशपुर/कुनकुरी  10/04/2026 – न्याय का प्रतीक माने जाने वाले न्यायालय परिसर में ही बाल श्रम का गंभीर आरोप सामने आने से हड़कंप मच गया है। कुनकुरी स्थित व्यवहार न्यायालय परिसर के अंदर शौचालय निर्माण कार्य में कथित तौर पर बाल श्रमिकों से काम कराए जाने की शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार कुनकुरी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट विष्णु कुलदीप ने इस संबंध में कुनकुरी थाने में फोन के जरिए शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि न्यायालय परिसर के अंदर चल रहे शौचालय निर्माण कार्य में नाबालिग बालकों से मजदूरी कराई जा रही है, जो कानूनन अपराध है। शिकायत मिलते ही पुलिस टीम व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित निर्माण स्थल पर पहुंची और वहां काम करवा रहे ठेकेदार के मैनेजर को पूछताछ के लिए थाने ले गई। पुलिस ने मौके पर मौजूद बालकों से भी उनकी उम्र और पहचान संबंधी जानकारी ली। बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट विष्णु कुलदीप ने मीडिया से चर्चा में कहा कि न्यायालय परिसर, न्याय का मंदिर कहा जाता है, वहां बच्चों से जोखिम भरे निर्माण कार्य कराना बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने तीन बालकों के नाम बताते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। यदि विधिसम्मत कार्रवाई नहीं होती है तो इस पर बार एसोसिएशन कड़ी आपत्ति दर्ज कराएगा। साथ ही अध्यक्ष ने कोर्ट के प्रवेश द्वार के बगल में मिट्टी डंप करने पर भी आपत्ति उठाई है। इधर पुलिस पूछताछ में कथित बाल श्रमिकों में से दो युवकों ने अपनी उम्र 18 वर्ष बताई है, जबकि एक ने स्वयं को नाबालिग बताया है। बालिग बताने वाले आयुष तिर्की ने पुलिस को अपना आधार कार्ड भी प्रस्तुत किया है, जबकि दूसरे युवक का आधार कार्ड मंगाया गया है। वहीं एक बालक ने अपनी उम्र 16 वर्ष बताई है, जिसकी पुष्टि के लिए पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है। बाल श्रम अधिनियम के तहत क्या हो सकती है कार्रवाई भारत में बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2016 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का कार्य कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है। वहीं 14 से 18 वर्ष के किशोरों को खतरनाक या जोखिम भरे कार्यों में लगाना भी अपराध की श्रेणी में आता है। यदि जांच में यह साबित होता है कि नाबालिग से निर्माण कार्य कराया गया है, तो ठेकेदार या जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें— *6 महीने से 2 साल तक की जेल* *20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना* *या दोनों सजा एक साथ दी जा सकती है।* साथ ही संबंधित बालक को श्रम विभाग के माध्यम से संरक्षण और पुनर्वास की प्रक्रिया में भी शामिल किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दस्तावेजों के आधार पर बालकों की वास्तविक उम्र की पुष्टि की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

जशपुर बस हादसा: प्रशासन की सख्ती के बाद भी जांच से दूर रहे यात्री बस संचालक, रंजीता स्टेडियम में केवल स्कूल बसें पहुंचीं

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जशपुर बस हादसा: प्रशासन की सख्ती के बाद भी जांच से दूर रहे यात्री बस संचालक, रंजीता स्टेडियम में केवल स्कूल बसें पहुंचीं   जशपुर – गोड़अम्बा में हुए  ‘अनमोल’ बस हादसे के बाद, जिसमें 5 लोगों की जान गई और 24 घायल हुए, जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के कड़े निर्देशों के बाद रविवार को जिले की सभी बसों की फिटनेस और दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष शिविर लगाया गया। हालांकि, इस अभियान में यात्री बस संचालकों की बेरुखी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रंजीता स्टेडियम में सुबह से डटे रहे अफसर प्रशासनिक निर्देशानुसार, रविवार सुबह 10 बजे जशपुर के रंजीता स्टेडियम में जिले की सभी बसों को भौतिक सत्यापन के लिए बुलाया गया था। जिला परिवहन अधिकारी (DTO) विजय निकुंज और उनकी टीम मौके पर मौजूद थी। स्कूल बसों की उपस्थिति: निर्देश मिलते ही स्कूल बसें समय पर स्टेडियम पहुंचीं और उनके फिटनेस व दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। यात्री बसें नदारद: हैरानी की बात यह रही कि पूरे जिले से एक को छोड़कर दूसरा कोई भी यात्री बस संचालक बस लेकर जांच के लिए स्टेडियम नहीं पहुंचा। प्रशासन की चेतावनी: होगी कड़ी कार्रवाई यात्री बस संचालकों की इस सामूहिक अनुपस्थिति को प्रशासन ने अनुशासनहीनता और यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ माना है। जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज ने स्पष्ट किया कि जांच से बचने वाले बस संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा। परिवहन विभाग अब इन बसों की सड़क पर धरपकड़ कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने की तैयारी में है। ड्राइवर संघ ने गिनाईं मजबूरियां: फिटनेस के लिए अंबिकापुर का चक्कर चेकिंग के बीच एक बड़ा मुद्दा फिटनेस सेंटर की कमी का भी उठा। ड्राइवर संघ के अध्यक्ष फिरन यादव ने मीडिया से चर्चा में बताया कि जशपुर जिले में फिटनेस सर्टिफिकेट बनाने की सुविधा नहीं है। “हजारों रुपये खर्च कर और कई दिनों की परेशानी झेलकर हमें फिटनेस के लिए अंबिकापुर जाना पड़ता है। हमने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।” पोर्टल विश्लेषण: सवाल सुरक्षा का हादसे के बाद प्रशासन का जागना सराहनीय है, लेकिन यात्री बस संचालकों का जांच शिविर से गायब रहना बताता है कि शायद सिस्टम में अब भी ‘खौफ’ की कमी है। क्या बसें अनफिट हैं? क्या कागजात अधूरे हैं? या फिर संचालकों को प्रशासनिक आदेशों की परवाह नहीं? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में होने वाली कार्रवाई से तय होंगे। बने रहें हमारे पोर्टल के साथ, जशपुर की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए।

BLACK FRIDAY : छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत, 50 से अधिक घायल

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BLACK FRIDAY : छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत, 50 से अधिक घायल छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को सड़क हादसों ने बड़ा कहर बरपाया। जशपुर और बलौदाबाजार जिलों में हुए दो अलग-अलग भीषण सड़क हादसों में कुल 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक यात्री घायल हो गए। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। जशपुर: ब्रेक फेल होने से बस पलटी, 5 की मौत जशपुर जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। झारखंड के कुरडेग से कुनकुरी आ रही अनमोल बस (CG 14 G 0263) करडेगा चौकी क्षेत्र के गोड़अंबा गांव में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 5 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 17 से अधिक लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह करीब 9:45 बजे ढलान के दौरान बस का ब्रेक फेल हो गया। बस में सवार एक यात्री ने बस रोकने के लिए कहा, तभी कंडक्टर ने चिल्लाकर बताया कि ब्रेक फेल हो गया है। कुछ ही क्षण बाद बस अनियंत्रित होकर सुरेंद्र साय के निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास में पलट गई। बस में दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे। घटना के बाद गोड़अंबा गांव के दिगंबर यादव ने तुरंत मदद की पहल की। उनके साथ सरपंच पति शिवशंकर साय, उपसरपंच दशरथ प्रसाद यादव और प्रभाशंकर यादव ने प्रशासन को सूचना दी और राहत कार्य शुरू कराया। जेसीबी की मदद से बस हटाकर यात्रियों को बाहर निकाला गया। करीब 11 बजे एसडीएम नंदजी पांडे, एसडीओपी विनोद मंडावी समेत प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक वाहनों और 7 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा गया। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर कुनकुरी डॉ. के. कुजूर ने हादसे में 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों में पति-पत्नी और पिता-पुत्र शामिल हैं। मृतकों के नाम महेश राम (45), ग्राम मकरीबंधा, तहसील दुलदुला बिमला (42), ग्राम मकरीबंधा (पति-पत्नी) संपति देवी (52), जिला सिमडेगा, झारखंड दिगेश्वर (40), ग्राम ढोढी, तहसील कुरडेग, जिला सिमडेगा घनश्याम (5 माह), ग्राम ढोढी (पिता-पुत्र) घायलों का इलाज कुनकुरी, जिला अस्पताल और अन्य अस्पतालों में किया जा रहा है। 4 गंभीर घायलों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या देवी साय कुनकुरी अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज व सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि यह हादसा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। बलौदाबाजार: नेशनल हाईवे पर बस को ट्रक ने मारी टक्कर, 5 की मौत इधर बलौदाबाजार जिले में रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर भी भीषण सड़क हादसा हो गया। दरचुरा के पास RBS यात्री बस को पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि बस सवारी चढ़ाने के लिए सड़क किनारे रुकी हुई थी, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस सड़क से नीचे खेत में जा घुसी। इस हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 35 से अधिक यात्री घायल हो गए। घायलों को सिमगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर घायलों को रायपुर रेफर किया गया है। सिमगा पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को हुए इन दो बड़े सड़क हादसों में कुल 10 लोगों की जान चली गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। प्रशासन दोनों घटनाओं की जांच में जुटा हुआ है।  

*प्रेम और सद्भाव के रंगों से सराबोर हो होली : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दी होली की बधाई ,शुभकामनाएँ

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*प्रेम और सद्भाव के रंगों से सराबोर हो होली : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दी होली की बधाई ,शुभकामनाएँ* रायपुर 3 मार्च 2026/मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कामना की है कि यह उल्लास, उमंग और आत्मीयता का महापर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा का संचार करे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि यह आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे को सशक्त बनाने का अवसर है। यह पर्व समाज में समरसता, सद्भाव और एकता की भावना को प्रगाढ़ करता है तथा हमें सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में होली का विशेष महत्व है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय, अहंकार पर विनम्रता की जीत और वैमनस्य पर प्रेम की प्रधानता का संदेश देता है। होली के रंग हमें स्मरण कराते हैं कि विविधताओं से परिपूर्ण हमारे समाज की वास्तविक शक्ति परस्पर विश्वास, अपनत्व और सामूहिक सहयोग में निहित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस पर्व को हर्षोल्लास, संयम और पारंपरिक मर्यादाओं के साथ मनाएँ। प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दें तथा समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के साथ भी इस उत्सव की खुशियाँ साझा करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के रंगों से सजी यह होली छत्तीसगढ़ की एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

मुख्यमंत्री के क्षेत्र में 10 करोड़ के उद्यानिकी महाविद्यालय में घोटाले की बू? बैलाटोली में बिना PCC सैकड़ों फुटिंग, जंग लगी सरिया का इस्तेमाल

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मुख्यमंत्री के क्षेत्र में 10 करोड़ के उद्यानिकी महाविद्यालय में घोटाले की बू? रेमते में बिना PCC सैकड़ों फुटिंग, जंग लगी सरिया का इस्तेमाल कुनकुरी/रेमते (जशपुर) – विष्णुदेव साय के विधानसभा क्षेत्र में बन रहे करीब 10 करोड़ रुपये की लागत वाले उद्यानिकी महाविद्यालय भवन में भारी अनियमितताओं का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुनकुरी विकासखंड के ग्राम रेमते में निर्माणाधीन इस प्रोजेक्ट को लेकर घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। बिना PCC के सैकड़ों फुटिंग, 200 कॉलम पर सवाल सूत्रों और सामने आई तस्वीरों के अनुसार मुख्य कॉलेज भवन में बिना पीसीसी (Plain Cement Concrete) किए ही सैकड़ों फुटिंग डाल दी गईं। बताया जा रहा है कि करीब 200 कॉलम इसी तरह खड़े कर दिए गए हैं। निर्माण मानकों के अनुसार जहां क्रैंक और मजबूत बेस अनिवार्य होता है, वहां सीधे-सीधे नियमों की अनदेखी की गई है। निर्माणाधीन ढांचे में अभी से कई जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं, जो भविष्य में बड़े हादसे का संकेत मानी जा रही हैं। जंग लगी सरिया और कबाड़ सामग्री का इस्तेमाल? आरोप है कि निर्माण में पुरानी और जंग लगी सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि यह सही है तो यह न केवल गुणवत्ता से समझौता है, बल्कि करोड़ों रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला भी बनता है। मुंशी पर मनमानी और पैसों की हेराफेरी के आरोप स्थानीय सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार के मैनेजर/इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद द्वारा साइट पर मनमानी की जा रही है। पहले यह काम पेटी कांट्रेक्टर आकाश के माध्यम से कराया जा रहा था, लेकिन बाद में बाहरी मजदूर लगाकर निम्नस्तरीय कार्य शुरू कर दिया गया। यह भी आरोप है कि परिवार में शादी का हवाला देकर साइट से ही 10 लाख रुपये निकालने की बात मजदूरों के बीच कही गई। साथ ही मजदूरों से गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं। गुणवत्ता बनाम कमीशन का खेल? पेटी कांट्रेक्टर का दावा है कि वह मानकों के अनुरूप काम कर रहा था, लेकिन कथित रूप से कमीशनखोरी और जल्दबाजी में घटिया निर्माण कराया जा रहा है। यदि समय रहते तकनीकी जांच नहीं हुई तो यह इमारत भविष्य में बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। मुख्यमंत्री के क्षेत्र में उठे बड़े सवाल यह उद्यानिकी परियोजना स्वयं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेंगे? सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि इस निर्माण कार्य में कथित रूप से घटिया काम कराने वाले मैनेजर/इंजीनियर राजेंद्र को कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं का संरक्षण भी प्राप्त है। हालांकि फिलहाल इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है कि किन नेताओं का नाम इसमें जुड़ा है, लेकिन यदि संरक्षण के आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला और भी गंभीर हो जाएगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या 10 करोड़ की यह इमारत गुणवत्ता के साथ तैयार होगी या फिर भ्रष्टाचार के दीमक के कारण धराशायी होने का इंतजार करेगी? स्थानीय लोगों ने उच्चस्तरीय तकनीकी जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

बादलखोल से बगीचा तक: शिव बाबा को मिला भाजपा पि.व.मोर्चा का बड़ा दायित्व

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बादलखोल से बगीचा तक: शिव बाबा को मिला भाजपा पि.व.मोर्चा का बड़ा दायित्व बगीचा (जशपुर) –  वनवासी अंचल बादलखोल में भारतीय जनता पार्टी का झंडा मजबूती से गाड़ने वाले जनप्रिय नेता शिव कुमार यादव को भारतीय जनता पार्टी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा का बगीचा मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति पिछड़ा वर्ग मोर्चा जशपुर के जिलाध्यक्ष अनूप नारायण सिंह द्वारा की गई। देखिए सूची विकास की राह में संघर्ष का दूसरा नाम बन चुके शिव कुमार यादव—जिन्हें क्षेत्र में लोग स्नेह से शिव बाबा कहते हैं—ने एक बार फिर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है। संगठन के भीतर सक्रियता और जनसमस्याओं को लेकर सतत संघर्ष उनकी पहचान बन चुका है। उपसरपंच पद पर दूसरी बार निर्विरोध जीत जनपद पंचायत बगीचा की ग्राम पंचायत गायलूँगा में 8 मार्च को संपन्न उपसरपंच चुनाव में शिव कुमार यादव ने निर्विरोध जीत दर्ज कर दूसरी बार यह पद हासिल किया। इससे पहले वे निर्विरोध पंच भी चुने जा चुके हैं। वरिष्ठ नेताओं का आभार नवनियुक्त मंडल अध्यक्ष शिव कुमार यादव ने नई जिम्मेदारी मिलने पर मोर्चा जिलाध्यक्ष अनूप नारायण सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह सहित सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। गांव की आवाज बने ‘शिव बाबा’ शिव बाबा सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि गांव की आवाज बन चुके हैं। सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर उनके संघर्ष और धरना-प्रदर्शनों ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया है। भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में वे गांव के समग्र विकास को अपनी प्राथमिकता मानते हैं। नियुक्ति पर जश्न   उनकी नियुक्ति की खबर मिलते ही पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई, एक-दूसरे को गुलाल लगाया और मिठाइयां बांटी। संघर्ष से सफलता तक—शिव बाबा की कहानी गायलूँगा से लेकर पूरे बगीचा क्षेत्र तक शिव बाबा के संघर्षों की गूंज सुनाई देती है। सड़क हो, बिजली हो या अन्य बुनियादी जरूरतें—वे हर मुद्दे पर जनता के साथ खड़े नजर आते हैं। उनका मिलनसार स्वभाव और हर दुख-सुख में गांववासियों के साथ रहने की प्रवृत्ति ही उन्हें सबसे अलग बनाती है।