*तीजा महिलाओं के संकल्प शक्ति और दृढ़ता का प्रतीक त्यौहार: कौशल्या साय,भाजपा महिला मोर्चा का जिला स्तरीय तीजा महोत्सव संपन्न*

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जशपुर: तीजा सुहागिन महिलाओं का त्यौहार है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रख कर अपने पति और संतान की दीर्घायु की कामना करती है। यह पवित्र त्यौहर भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने उक्त बातें कही। वे शहर के वशिष्ट कम्युनिटी हाल में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित जिला स्तरीय तीजा महोत्सव को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थी। उन्होनें कहा कि भारत धर्म,संस्कृति और त्यौहारों का देश है। यहां हम सब मिल कर त्यौहार मनाते हैं। त्यौहार का अवसर खुशियां बिखरने का होता है। इससे समाज में उत्साह का संचार होता है। कौशल्या साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सांसद राधे श्याम राठिया ने कहा कि तीजा पर्व छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। इसे माता और बहने अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना के साथ मनाती है। भाजपा के जिलाध्यक्ष सुनिल गुप्ता ने कहा कि तीाज का पर्व घर से लेकर समाज तक हर्षोल्लास बिखेरता है। कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष शांति भगत एवं महिला मोर्चा अध्यक्ष ममता कश्यप ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव, शहर मण्डल अध्यक्ष संतोष सिंह, डीडीसी राना बरला,अनिता सिंह,पूर्व जनपद अध्यक्ष कमला निराला,अंजू टोप्पो,रेणु विश्वास,गुड़िया यादव,भारती शर्मा,मीना चौहान,सावित्री सिंह,नीतू गुप्ता,सावित्री निकुंज,सुजाता भगत,मुन्नी गुप्ता,प्रतिमा भगत सहित महिला मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर किया नमन, शिक्षक दिवस पर दी शुभकामनाएं*

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रायपुर, 05 सितंबर 2024। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय में डॉ. राधाकृष्णन के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया और शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षकों और नागरिकों को शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि डॉ. राधाकृष्णन न केवल एक महान शिक्षक थे, बल्कि एक उत्कृष्ट दार्शनिक और विद्वान भी थे, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपार योगदान दिया।  डॉ. राधाकृष्णन के विचार और शिक्षण पद्धतियां आज भी समाज को प्रेरित करती हैं। श्री साय ने कहा, “मेरे जीवन में जो कुछ भी मैंने सीखा है, उसमें मेरे गुरुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शिक्षक हमें जीवन के हर मोड़ पर चुनौतियों का सामना करने और सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में उच्च नैतिक मूल्यों को उतारकर उन्हें एक बेहतर नागरिक बनाते हैं। डॉ. राधाकृष्णन के विचारों को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाने का माध्यम है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के शिक्षकगण डॉ. राधाकृष्णन के पदचिन्हों पर चलते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी को भी आज जानना जरूरी है डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुत्तनी नामक स्थान में हुआ था। उनका परिवार धार्मिक और परंपरागत ब्राह्मण परिवार था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा तिरुत्तनी और वेल्लोर में पूरी की, और बाद में मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से दर्शनशास्त्र में स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की। उनकी रुचि दर्शनशास्त्र में गहरी थी, और उन्होंने भारतीय दर्शन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। करियर और योगदान डॉ. राधाकृष्णन एक महान विद्वान और शिक्षक थे। उनका शिक्षण करियर मद्रास प्रेसीडेंसी कॉलेज से शुरू हुआ, जहां उन्होंने दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पढ़ाया, जिसमें कलकत्ता विश्वविद्यालय और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय शामिल हैं। उन्होंने पश्चिमी दर्शनशास्त्र और भारतीय विचारधारा के बीच एक सेतु का काम किया और भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया। उनकी सबसे प्रसिद्ध पुस्तक “इंडियन फिलॉसफी” है, जिसमें उन्होंने भारतीय दर्शन के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया है। वे यह मानते थे कि भारतीय दर्शन और आध्यात्मिकता में वह शक्ति है, जो पश्चिमी जगत को गहराई से प्रभावित कर सकती है। राजनीतिक और राजनयिक करियर 1947 में भारत के स्वतंत्र होने के बाद, डॉ. राधाकृष्णन ने राजनयिक और राजनीतिक भूमिकाएं भी निभाईं। वे 1949 से 1952 तक यूनेस्को में भारतीय प्रतिनिधि रहे और 1952 से 1962 तक सोवियत संघ में भारत के राजदूत रहे। उनकी कूटनीतिक क्षमताओं और ज्ञान का वहां बहुत सम्मान किया गया। ### उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन 1952 में भारत के पहले उपराष्ट्रपति बने और इसके बाद 1962 से 1967 तक भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उन्होंने शिक्षा, संस्कृति, और नैतिकता को विशेष महत्व दिया। उनके सम्मान में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई, क्योंकि वे हमेशा शिक्षा और शिक्षकों के महत्व को सर्वोपरि मानते थे। ### पुरस्कार और सम्मान डॉ. राधाकृष्णन को उनके योगदान के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले। 1954 में उन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” दिया गया। इसके अलावा, उन्हें कई विश्वविद्यालयों से मानद उपाधि मिली और वे कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सदस्य रहे। ### निधन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का निधन 17 अप्रैल 1975 को हुआ। उनका जीवन भारतीय शिक्षा, दर्शन और नैतिकता के प्रति समर्पण का प्रतीक था, और उनकी विचारधारा आज भी शिक्षकों और छात्रों को प्रेरित करती है। डॉ. राधाकृष्णन ने अपने जीवन के माध्यम से यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा में ले जाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है।

*राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह कुछ ही देर में* *प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर 3 शिक्षकों को स्मृति पुरस्कार* *52 राज्यपाल शिक्षक सम्मान से होंगे सम्मानित*

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रायपुर – शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 05 सितंबर 2024 को प्रातः 11 बजे से राजभवन के दरबार हॉल में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 55 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें से 52 शिक्षक राज्यपाल शिक्षक सम्मान और 3 शिक्षकों को प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। *राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार वर्ष 2024* शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश के तीन महान साहित्यिक विभूतियों के नाम पर तीन शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से नवाजा जाएगा। इनमें बिलासपुर जिले की व्याखाता डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे को ’’डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्मृति पुरस्कार’’, कबीरधाम जिले के शिक्षक री राजर्षि पाण्डेय को ’’डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार’’, दुर्ग जिले की उच्च वर्ग शिक्षक डॉ. श्रीमती सरिता साहू को ’’डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार’’ प्रदान किया जाएगा। *राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार वर्ष 2023-24* राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार वर्ष 2023-24 से सम्मानित होने वाले 52 शिक्षकों में दंतेवाड़ा जिले की व्याख्याता श्रीमती नेहा नाथ और शिक्षक एलबी कुमारी माधुरी उके, सरगुजा जिले की प्रधान पाठक कुमारी मधु सोनवानी और व्याख्याता श्रीमती नीतु सिंह यादव, सूरजपुर जिले की व्याख्याता एलबी श्रीमती रीता गिरी और प्रधान पाठक कुमारी विनिता सिंह, बालोद जिले के व्याख्याता एलबी धमेंन्द्र कुमार और व्याख्याता डॉ. भरतलाल साहसी, जशपुर जिले के व्याख्याता एलबी  टुमनु गोसाई और अयोध किशोर गुप्ता, सुकमा जिले की प्रधान पाठक श्रीमती जयमाला और हपका मुत्ता, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के सहायक शिक्षक नीलकंठ कोमरे और अंगद सलामें, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की सहायक शिक्षक श्रीमती स्वप्निल सिंह पवार और शिक्षक एलबी अर्चना सामुएल मसीह, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के व्याख्याता एलबी श्री मानस साहू और सहायक शिक्षक एलबी श्री महादीप जंघेल, उत्तर बस्तर कांकेर जिले के व्याख्याता श्री सेवक राम निषाद और व्याख्याता एलबी श्री पवन कुमार सेन, कोण्डागांव जिले की व्याख्याता श्रीमती तनुजा देवांगन और उच्च श्रेणी शिक्षक श्रीमती सरस्वती नाग, कोरिया जिले की सहायक शिक्षक एलबी श्रीमती श्वेता सोनी और श्रीमती अर्पणा मिश्रा, राजनांदगांव जिले के व्याख्याता एलबी श्री गोकुल दास जंघेल और श्री जयप्रकाश साहू के नामों की विधिवत् घोषणा की। राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार 2023 के लिए चयनित शिक्षकों में नारायणपुर जिले की शिक्षक एलबी श्रीमती कविता हिरवानी और व्याख्याता एलबी श्रीमती लता मानिकपुरी, जांजगीर-चांपा जिले के व्याख्याता एलबी दिनेश कुमार चतुर्वेदी और सहायक शिक्षक एलबी  कामता प्रसाद सिंह, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सहायक शिक्षक एलबी सुनिता यादव और व्याख्याता श्री पूनम सिंह साहू, बेमेतरा जिले की सहायक शिक्षक एलबी सुश्री हिमकल्याणी और व्याख्याता एलबी  भुवनलाल साहू, महासमुंद जिले के व्याख्याता प्रमोद कुमार कन्नौजे और व्याख्याता एलबी शैलेन्द्र कुमार नायक, बलरामपुर जिले के शिक्षक  श्याम कुमार गुप्ता और प्रधान पाठक विनोद कुमार पंथ, मुंगेली जिले के शिक्षक एलबी डॉ. सत्यनारायण तिवारी और प्रधान पाठक  जितेन्द्र गेंदले, गरियाबंद जिले के सहायक शिक्षक एलबी  डिगेश्वर कुमार साहू और उच्च श्रेणी शिक्षक किशोर कुमार निर्मलकर, धमतरी जिले की व्याख्याता एलबी श्रीमती ज्योति मगर और डॉ. आशीष नायक, रायगढ़ जिले की प्रधान पाठक डॉ. मनीषा त्रिपाठी और सुशील कुमार गुप्ता, कोरबा जिले के व्याख्याता भुपेन्द्र कुमार राठौर और सहायक शिक्षक श्रीमती वसुंधरा कुर्रे, जगदलपुर जिले की व्याख्याता श्रीमती मीरा हिरवानी और मोहम्मद अकबर खान, बीजापुर जिले के प्रधान पाठक पवन कुमार सिन्हा और शिक्षक एलबी  ककेम नारायण के नाम शामिल हैं।

*छत्तीसगढ़ में 8.46 लाख गरीबों को मिलेगा पक्का मकान: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत मिली मंजूरी*

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रायपुर: छत्तीसगढ़ के गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत राज्य में 8,46,931 पक्के मकानों की स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत राज्य के ग्रामीण इलाकों में स्थित गरीब परिवारों को आवासीय सुविधा प्रदान की जाएगी। स्वीकृत मकानों में 6,99,331 आवास एसईसीसी 2011 की सूची के अनुसार और 1,47,600 आवास आवास प्लस सूची के आधार पर स्वीकृत किए गए हैं। **मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया आभार** छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का हार्दिक आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत मिली यह स्वीकृति राज्य के लाखों गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाएगी। इससे लोगों को अपने घर का सपना पूरा करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा का भाव आएगा। **राज्य के विकास में मील का पत्थर** मुख्यमंत्री साय ने इस स्वीकृति को छत्तीसगढ़ के विकास में एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीब और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस योजना से राज्य के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे, और उनका जीवन स्तर बेहतर होगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय से छत्तीसगढ़ के गरीब परिवारों के लिए एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है, जहां उन्हें अपने सपनों का पक्का घर मिलने की उम्मीद जगी है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तीजा के अवसर पर दी बड़ी सौगात, 70 लाख महिलाओं को मिली महतारी वंदन योजना की सातवीं किश्त*

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  **रायपुर, 02 सितंबर 2024:** मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तीजा के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की 70 लाख महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित तीजा-पोरा महतारी वंदन तिहार के दौरान, श्री साय ने महतारी वंदन योजना की सातवीं किस्त के रूप में प्रत्येक लाभार्थी महिला के खाते में 1,000 रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से अंतरित किए। इस अवसर पर प्रदेश की महिलाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने अपने “विष्णु भैया” का आभार व्यक्त किया। महतारी वंदन योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार करना है। योजना के तहत विवाहित, विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं को, जिनकी उम्र 21 वर्ष से अधिक है, हर महीने 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को किया था। तब से अब तक योजना की सात किश्तें लाभार्थी महिलाओं के खातों में जमा की जा चुकी हैं। **तीजा-पोरा तिहार का महत्व:** तीजा और पोरा, छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्यौहार हैं, जो विशेष रूप से महिलाओं द्वारा धूमधाम से मनाए जाते हैं। तीजा, जिसे हरतालिका तीज भी कहा जाता है, विशेषकर विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं। यह त्यौहार महिलाओं की भक्ति, श्रद्धा, और उनकी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। पोरा त्यौहार, कृषि कार्यों की समाप्ति के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस दिन लोग मिट्टी के बैल बनाकर उनका पूजन करते हैं, जो कृषि की समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक होते हैं। महिलाएं इस दिन विशेष पूजा अर्चना करती हैं और खेतों में हल चलाने का प्रतीकात्मक अनुष्ठान करती हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा तीजा-पोरा के मौके पर महतारी वंदन योजना की सातवीं किस्त का वितरण, महिलाओं के प्रति सम्मान और उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें समाज में एक मजबूत भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करती है।

आत्मानन्द के प्रिंसिपल पर गिरी गाज, कलेक्टर ने शो-कॉज नोटिस थमाया तो शासन ने हटा दिया,छात्रों के बीच मारपीट की घटना पर हुई कार्रवाई

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जशपुर/कुनकुरी – स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल कुनकुरी में दो दिन पहले दो छात्रों की आपसी लड़ाई के मामले में प्रिंसिपल इकबाल खान पर बड़ी कार्रवाई की गई है।उन्हें राज्य शासन ने स्कूल से हटा दिया है।वहीं कलेक्टर जशपुर ने शो-कॉज नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। दरअसल,घटना 28 जुलाई की है जब SAGES कुनकुरी के प्रिंसिपल इकबाल खान का बेटा और उसी स्कूल का एक छात्र आपस में भिड़ गए।उनके बीच हुई मारपीट में 12 वीं का एक छात्र का सिर फट गया।जिसकी बाकायदा कुनकुरी थाने में रिपोर्ट हुई है,जिसपर पुलिस कार्रवाई कर रही है। कलेक्टर जशपुर डॉ. रवि मित्तल ने शासकीय स्कूल परिसर के अंदर हुई इस घटना को गम्भीरता से लेते हुए कारण बताओ नोटिस देते हुए प्रिंसिपल इकबाल खान पर पदीय कर्तव्य निभाने में घोर लापरवाही बरतने जैसे शब्दों के साथ तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा है। वहीं संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, इंद्रावती रायपुर के पत्र क्रमांक 9051/30-08-2024 के आदेश पत्र के अनुसार प्रभारी प्राचार्य इकबाल खान की प्रतिनियुक्ति आदेश को समाप्त करते हुए मूलतः वापस भेजने के लिए प्रस्तावित किया गया है।वहीं आत्मानन्द स्कूल के व्याख्याता अनिल सिंह के प्रभारी प्राचार्य के लिए प्रस्तावित करने सम्बन्धी आदेश जारी किया गया है।इसके साथ ही इसी आदेश में कोतबा SEGES के प्राचार्य फिलमोन मिंज को हटाते हुए व्याख्याता जय कुमार सिदार को प्रशासनिक व्यवस्था के तहत प्रभारी प्राचार्य के पद पर प्रस्तावित किया गया है। हम आपको बता दें कि 28 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे 12 वीं के दो छात्र के बीच हुई मारपीट के समय प्राचार्य इकबाल खान कलेक्टर मीटिंग में शामिल होने जशपुर गए हुए थे।घटना में आरोपी छात्र प्रिंसिपल का बेटा है जो कथित रूप से विशेष अनुमति लेकर कक्षा 12 वीं में अध्ययनरत है।वहीं पीड़ित भी उसी कक्षा का छात्र है।प्रिंसिपल इकबाल खान पर आरोप है कि उन्होंने दूसरे स्कूल में दर्ज छात्र को गलत तरीके से अपने स्कूल में पुत्रमोह के कारण पढाई करने की अनुमति कैसे दे दी?जिसकी वजह से यह घटना हुई है। बहरहाल,सवाल कई हैं लेकिन यह बात स्पष्ट तौर पर कहा जा रहा है कि विष्णु के सुशासन में सबकुछ सांय-सांय चल रहा है।

*खेल अलंकरण समारोह में सुश्री एलिजाबेथ बेक को मिला शहीद पंकज विक्रम सम्मान*

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*जशपुरनगर, 30 अगस्त 2024*: राज्य के खेल जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, जशपुर जिले की सायकलिस्ट सुश्री एलिजाबेथ बेक को शहीद पंकज विक्रम सम्मान 2022-23 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें साइक्लिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर दिया गया है। राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों से कुल 502 प्रतिभावान खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया और 01 करोड़ 36 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। सुश्री एलिजाबेथ बेक, जो जशपुर जिले के बगीचा तहसील के महादेवडांड (दर्रीटोली) गांव की निवासी हैं, 2015 से साइक्लिंग में सक्रिय हैं और अब तक विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 7 मेडल जीत चुकी हैं। उन्होंने पुणे, केरल, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, गुजरात और गोवा जैसी जगहों पर आयोजित नेशनल गेम्स और प्रतियोगिताओं में अपने कौशल का प्रदर्शन किया है। सम्मान प्राप्त करने के बाद, सुश्री बेक ने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे भी राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगा। उनकी इस उपलब्धि पर जशपुर जिले के कई गणमान्य व्यक्तियों, जैसे जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष वाल्टर कुजूर, उपाध्यक्ष संतोष चौधरी, डॉ. पी.सी. कुजूर, नवीन रोशन बेक, ज्योति प्रकाश लकड़ा, डेविड कुजूर, अभय मिंज और प्रेस क्लब जशपुर के उपाध्यक्ष दीपक सिंह, संजीत यादव ने उन्हें बधाई दी। खेल अलंकरण समारोह में 2021-22 और 2022-23 के लिए कुल 97 पुरस्कारग्राही खिलाड़ियों को 76 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई, जबकि पदक विजेता 502 खिलाड़ियों के बैंक खातों में 60.33 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इस अवसर पर शहीद राजीव पांडेय, शहीद कौशल यादव, वीर हनुमान सिंह, शहीद पंकज विक्रम, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी सहित विभिन्न पुरस्कार भी प्रदान किए गए। कुल मिलाकर खिलाड़ियों को 01 करोड़ 36 लाख 33 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई।

वर्षों पुरानी मांग पूरी करके मुख्यमंत्री साय ने घासीमुंडा को दी नई पहचान,लोगों ने जताया आभार

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जशपुर/कुनकुरी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वर्षों पुरानी मांग घासीमुंडा मुहल्ला को राजस्व ग्राम का दर्जा मिल गया है,इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणों ने सीएम कैंप कार्यालय बगिया आकर सीएम साय का आभार जताते हुए खुशी जाहिर की है। आप को बता दें की जशपुर जिले के फरसाबहार तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत केरसई के घांसीमुंडा मुंहल्ला के ग्रामीण विगत कई वर्षों से राजस्व ग्राम का दर्जा पाने के लिए लगातार मांग करते आ रहे थे। प्रदेश में सरकार बदली और कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीत कर मुख्यमंत्री बनने के बाद यहां के ग्रामीणों ने सीएम साय से मुलाकात कर घासीमुंडा को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग की थी । जिसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर डॉ रवि मित्तल ने इस मुहल्ले को राजस्व ग्राम का दर्जा देते हुए आदेश जारी किया है। घासीमुंडा के जनप्रतिनिधि सरिता पैंकरा महिला बीडीसी,पूर्व सरपंच विशेश्वर साय, पूर्व सरपंच बैजनाथ साय एवं ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निजी निवास बगिया पहुंचकर उनका आभार जताया ।

राशन लेने 8 किलोमीटर जाने की जद्दोजहद सीएम कैम्प बगिया ने ख़त्म की,मड़ियाझरिया के ग्रमीणों ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार जताया

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*सीएम कैम्प कार्यालय की पहल से मड़ियाझरिया में पीडीएस दुकान संचालन करने की मिली स्वीकृति* जशपुर,27,अगस्त,2024/बगिया स्थित सीएम कैम्प कार्यालय की पहल पर मड़ियाझरिया में सार्वजनिक राशन वितरण दुकान (पीडीएस) संचालित करने का आदेश बगीचा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने जारी कर दिया है। इससे ग्रामीणों को राशन लेने के लिए 8 किलोमीटर की दौड़ लगाने से बड़ी राहत मिली है। इस पहल के लिए ग्रामीणों ने सीएम कैम्प कार्यालय का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापन सौंपा है। उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व ही जिले के कांसाबेल ब्लाक के ग्राम पंचायत केनाडांड़ के आश्रित ग्राम मड़ियाझरिया से आए ग्रामीणों ने सीएम कैम्प में ज्ञापन सौंपा था। इसमें उन्होंने बताया था कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंर्तगत,सरकार द्वारा दिया जाने वाला राशन लेने के लिए हर महिने 8 किलोमीटर की दौड़ लगानी होती है। भीषण गर्मी के महिना हो या बरसात का,मौसम का मार झेलते हुए वे चेटबा,ढूंढरूडांड पार कर बंदरचुआं पहुंचते भी है लेकिन शाम हो जाने के कारण उन्हें कई बार खाली हाथ लौटा दिया जाता है। इस समस्या को देखते हुए उन्होनें मड़ियाझरिया में ही राशन दुकान संचालित करने का अनुरोध किया था। इस पर कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत ने प्रशासन को प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव का निरीक्षण कर,खाद्य विभाग प्रशासन को प्रतिवेदन भी भेज चुकी है। लेकिन गाँव में दुकान का संचालन शुरू नहीं हो पाया था । इससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही थी। सीएम कैंप कार्यालय ने ग्रामीणों इस समाधान को निराकरण के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया था,जिस पर जिला प्रशासन ने संज्ञान में लेते हुए अब एसडीएम के आदेश के बाद,मड़ियाझरिया में जल्द ही सरकारी राशन दुकान का संचालन शुरू हो जाएगा। ग्रामीणों को अपने गांव में ही अब राशन मिल जायेगा,जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर है।

युवक कांग्रेस के जेल भरो आंदोलन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोजसागर यादव भी हुए गिरफ़्तार, कुनकुरी में युंकाइयों ने विष्णु सरकार के खिलाफ लगाए नारे

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  जशपुर/कुनकुरी,26 अगस्त 2024 – प्रदेश युवक कांग्रेस के आह्वान पर आज कुनकुरी बस स्टैंड में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी,जेल भेजे जाने के  विरोध में जेल भरो आंदोलन किया गया। मुट्ठीभर युंकाइयो ने विष्णु सरकार के खिलाफ नारे लगाए।बड़े प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए शहर भर में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया। ज्ञात हो कि बलौदाबाजार हिंसा के बाद पुलिस की कार्रवाई में भिलाई से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव पर सतनामी समाज को उकसाने के मामले में कार्रवाई की गई।जिसमें उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।इसी को लेकर कांग्रेस इन दिनों सड़क पर है।कुनकुरी में जेल भरो आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संजय पाठक ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से तत्काल विधायक देवेंद्र यादव को जेल से रिहा करने की मांग की।कार्यक्रम को पूर्व जिला युंकाध्यक्ष रवि शर्मा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि 8 महीने की सरकार में इतनी हिंसा हो रही है जिसको सम्भालने में मुख्यमंत्री फेल हैं।अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए विष्णु सरकार इस तरीके से अत्याचार कर रही है।जिसका हम सब विरोध कर रहे हैं। बस स्टैंड से कांग्रेसियों ने रैली निकाली और सरकारी अस्पताल,नेशनल हाइवे की ओर जाने की कोशिश करने लगे लेकिन पुलिस के जवानों ने उन्हें रोक किया।फिर रैली तपकरा रोड पर निक्की जिन्हें कुंती लॉज के सामने तिराहे पर डग्गा और बेरिकेट लगाकर रोका गया जहां से प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर डग्गे में डालकर अस्थाई जेल ले जाया गया।जेल भरो आंदोलन में कुल 64 लोगों ने गिरफ्तारी दी।जिसमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोजसागर यादव,पूर्व जिला युंकाध्यक्ष रवि शर्मा,वाल्टर कुजूर,शाहस्त्रांशु पाठक,विवेकानंद महंत, नीरज पारीक,अशोक ताम्रकार,इरफान खान सक्रिय रहे।बाद में सभी गिरफ्तार आंदोलनकारियों को मुचलके पर छोड़ा गया।