*मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता: जनदर्शन में नागरिक की पीड़ा सुनते ही तुरंत कार्रवाई के निर्देश**एसपी से कहा – गुम हुई पत्नी को ढूंढो*

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रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई है। आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन में राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव निवासी नंदकिशोर ने अपनी पत्नी की गुमशुदगी की पीड़ा को मुख्यमंत्री के सामने रखा। नंदकिशोर ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले छह महीनों से लापता है और तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नंदकिशोर की बात को गंभीरता से सुना और तत्काल राजनांदगांव एसपी को फोन कर इस मामले की जांच करने और लापता पत्नी को ढूंढने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की इस त्वरित प्रतिक्रिया ने फरियादी को आशा की एक नई किरण दी है कि अब उसकी पत्नी का पता जल्द ही चल जाएगा। मुख्यमंत्री साय की जनदर्शन के दौरान नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उन्हें जल्द से जल्द हल करने की यह पहल उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि हर गुरुवार को मुख्यमंत्री श्री साय जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहते हैं। श्री साय ने अपने गृहजिले जशपुर में भी लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए “श्रीराम सदन” में सीएम कैम्प खोलकर जिलेवासियों को रायपुर जाने की परेशानी से भी निजात दिलाई है। यह कदम मुख्यमंत्री की जनसेवा के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता की सराहना हर ओर की जा रही है, जिससे जनमानस में उनके प्रति विश्वास और बढ़ा है।

छत्तीसगढ़ में पीटीएम कार्यक्रम का मुख्यमंत्री साय ने जशपुर से किया शुभारम्भ, 48000 सरकारी स्कूलों में हुआ पालक-शिक्षक मीटिंग,पत्रकारों से कहा – नहीं बनेगा नया जिला

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जशपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदे साय सोमवार-मंगलवार को गृहजिले जशपुर के दौरे पर रहे।इस दौरान उन्होंने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बन्दरचूंवा में प्रदेश स्तरीय पालक-शिक्षक बैठक का शुभारंभ किया।कार्यक्रम के बाद वनवासी कल्याण आश्रम के जिलाध्यक्ष बलराम भगत के घर दोकड़ा पहुंचकर उनकी माताजी के निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री साय पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 बजे मेगा पालक-शिक्षक बैठक में शामिल होने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बन्दरचूंवा पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यार्थियों और उनके पालकों से बातचीत की। यह कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है। शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने जानकारी दी कि प्रदेश के 5,500 संकुल में पालकों की बैठक आयोजित की जा रही है और 48,000 सरकारी स्कूलों में साल में तीन बार पालकों की बैठक होगी। यह पहली बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित की गई है। बैठक में पालकों को बच्चों की पढ़ाई के स्तर को बढ़ाने के लिए 12 बिंदुओं पर चर्चा की गई और जानकारी दी गई। बच्चों में पढ़ाई के कारण बढ़ते तनाव को दूर करने पर भी जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में 20 बोली भाषाओं में पुस्तक बनाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंच से कहा, ” यहां इस स्कूल में मैं पहले भी आ चुका हूं। मेरी पत्नी हर स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस यहीं मनाती हैं। शिक्षा का बड़ा महत्व है और विद्वानों ने इसे विकास का मूलमंत्र बताया है। शिक्षा केवल नौकरी पाने के लिए नहीं है, बल्कि जीवन को पूर्ण बनाने के लिए जरूरी है। शिक्षा के कारण हमारा देश विश्वगुरु कहलाता था और यहां नालंदा और तक्षशिला में दुनियाभर से विद्यार्थी आते थे।” उन्होंने आगे कहा, “मैकाले की शिक्षा पद्धति बहुत दिनों तक चली, लेकिन अब समय के साथ बदलते परिस्थितियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है, जो युवाओं और बच्चों को डिग्री, संस्कार और रोजगार के लिए कौशल विकास करने का काम करेगी। अब साल में तीन बार शिक्षक-पालक की बैठक होगी। नई शिक्षा नीति में लोकल भाषा में पढ़ाई कराई जाएगी। जशपुर में पीएमश्री योजना के तहत 263 स्कूल शामिल किए गए हैं, जिससे वे स्कूल प्रायवेट स्कूलों की तरह सुविधाओं से लैस होंगे।” मुख्यमंत्री साय ने जशपुर में 500 सीटर और कुनकुरी में 200 सीटर नालंदा परिसर खोलने की घोषणा की। उन्होंने बन्दरचूंवा में सर्व सुविधायुक्त बस स्टैंड, प्राथमिक शाला से छेराघोघरा के लिए स्ट्रीट लाइट, बंदरचुंवा दोनों मंदिरों के जीर्णोद्धार का भी ऐलान किया। इसके अलावा, उन्होंने बन्दरचूंवा में एक मिनी स्टेडियम और छात्रावास को 50 सीट से बढ़ाकर 100 सीट करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने पालक हरिसेवक की तारीफ करते हुए कहा कि उनका पोता यहीं से पढ़कर एमएससी कर रहा है। उन्होंने कहा, “रायपुर में नालंदा परिसर खोला गया है, जहां प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए 24 घंटे खुला रहता है। ऐसे ही नालंदा परिसर 22 जिलों में खोलने जा रहे हैं।” इन सभी योजनाओं और घोषणाओं के साथ, मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा और विकास के क्षेत्र में व्यापक सुधार और प्रगति का आश्वासन दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी सरकारी स्कूल के शिक्षकों को उनकी मेहनत के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि वे निजी तौर पर 1990 से स्कूलों में जाकर पालकों, विद्यार्थियों और गुरुजनों के साथ चर्चा करती आ रही हैं। उन्होंने कहा, “परीक्षा कोई भूत नहीं है जो आपको इतना डरा दे। परीक्षा के समय स्कूलों में जाकर बच्चों को समझाना, परिणाम को लेकर अच्छा वातावरण बनाने का काम हम सभी को करना चाहिए।” उन्होंने पालकों को यह भी याद दिलाया कि बच्चों को संस्कार देने का काम उनका है, जबकि शिक्षक उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बात करते हुए घोषणा की है कि रेडी टू ईट योजना, जिसे भूपेश सरकार के दौरान महिला स्वसहायता समूहों से छीन लिया गया था, अब फिर से इन्हीं समूहों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने सुबह बगिया निवास श्रीराम सदन में 59 कब्जाधारियों को वनभूमि के पट्टे सौंपे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रदेश में नए जिले बनाने की योजना से फिलहाल इंकार किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भोरमदेव में कावड़ियों पर की पुष्प वर्षा**कहा – हर हर महादेव*

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रायपुर, 05 अगस्त 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कबीरधाम जिले के भोरमदेव में शिव भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा साथ थे। मुख्यमंत्री ने आज भोरमदेव में सावन सोमवार के अवसर पर हजारों की संख्या में पहुंचे शिव भक्तों, जो सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा कर शिवजी का जल अभिषेक करने आए हैं, पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की। यह आयोजन छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहा है, जब प्रदेश के मुखिया स्वयं कावड़ियों पर पुष्प वर्षा किये। *छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक क्षण* मुख्यमंत्री द्वारा पुष्प वर्षा का यह क्षण श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक रहा। पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री स्वयं कावड़ियों पर पुष्प वर्षा किये, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ गया। इस आयोजन से छत्तीसगढ़ की धार्मिक परंपराओं और संस्कृति को और भी सशक्त बनाएगा।

*मुख्यमंत्री ने सपरिवार हरेली तिहार में की पूजा-अर्चना**अच्छी फसल और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की*

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*मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा बिखरी* रायपुर, 4 अगस्त 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय में आज परंपरागत रूप से छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार हरेली परिवार व आमजनों संग धूमधाम से मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिजनों के साथ विधिवत रूप से तुलसी माता, नांगर, कृषि उपकरणों, गेड़ी की पूजा कर अच्छी फसल, किसानों और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। छत्तीसगढ़ की परंपराएं और संस्कृति मुख्यमंत्री निवास में पूरी तरह से जीवंत हो उठीं। हरेली, जो कि छत्तीसगढ़ का पहला और सबसे प्रमुख त्यौहार है, इसे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सपरिवार और आमजन के साथ धूमधाम से मना रहे हैं। मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश में ढालते हुए, पारंपरिक सजावट और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुरूप सजाया गया है। इस मौके पर आयोजित हो रहे छत्तीसगढ़ी संगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक गड़वा बाजा, राउत नाचा और गेड़ी नृत्य का भी विशेष आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर परंपरागत कृषि उपकरणों के स्टॉल उपकरणों से छत्तीसगढ़ के कृषि संस्कृति जीवन्त हो उठी है। *मुख्यमंत्री ने कलाकारों का बढ़ाया उत्साह* राउत नाचा के कलाकारों के आग्रह पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ी पारंपरिक वेशभूषा धारण कर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया, जिससे हरेली के इस महोत्सव में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ।

सांय-सांय : डॉक्टरों की कमी को दूर करने सीएम साय की बड़ी पहल, ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी अस्पताल में 18 डॉक्टरों को भेजा गया,15 दिन में ज्वाइन करने का अल्टीमेटम

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जशपुर –  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जशपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने 18 एमबीबीएस चिकित्सको की नियुक्ति की है।चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे जशपुर के खासकर ग्रामीण इलाकों के आदिवासियों के लिए यह राहत की खबर है। दरअसल,जशपुर सहित पूरे प्रदेश में एमबीबीएस चिकित्सको की कमी को दूर करने के लिए लोक स्वास्थ और परिवार कल्याण मंत्रालय ने वर्ष 2018 पाठ्यक्रम के स्नातक उत्तीर्ण मेडिकल छात्र छात्राओं को दो साल के लिए संविदा नियुक्ति देते हुए पदस्थापना सूची जारी की है। इस सूची में जशपुर जिले को 18 चिकित्सक मिले हैँ। इनमे डॉ चंचल धुर्वे को जिला चिकित्सालय,डॉ अविनाश मिंज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दूल्दुला,डॉ अंजू परिहार को जिला चिकित्सालय,डॉ मिती कुंज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनोरा,डॉ लोकेश कुमार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किलकिला,डॉ अंकित खलको को जिला चिकित्सालय,डॉ पवन कुमार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झिमकी,डॉ विश्वजीत पांडे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आस्ता,डॉ देवेंद्र कुमार को जिला चिकित्सालय,डॉ जॉन खलखो को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कस्तूरा,डॉ अंकित भगत को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कंदाईबहार,डॉ मधुवेन्द्र सिंह को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुकरगाँव,डॉ निकिता खलखो को जिला चिकित्सालय,डॉ आकांक्षा तिग्गा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोदाम,डॉ आयुष सिंह को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छीछली,डॉ अदिति मोना टोप्पो को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मैनी,डॉ शशि एक्का को सामुदायिक स्वास्थ केंद्र सन्ना और डॉ कुलदीप प्रताप सिंह को सामुदायिक स्वास्थ केंद्र लोदाम में पदस्थ किया गया है। उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले की स्वास्थ्य सुविधा में सुधार और इसे सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पदभार सम्हालने के बाद से ही सक्रिय हैँ। 18 एमबीबीएस चिकित्सको से पहले जिले को 7 विशेषज्ञ चिकित्सको की नियुक्ति राज्य सरकार कर चुकी है। गौरतलब, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पहले बजट में जशपुर वासियों के दशकों पुराने मेडिकल कॉलेज स्थापना के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 220 बिस्तर का सर्वसुविधा युक्त अस्पताल निर्माण की स्वीकृति देते हुए,इसके लिए बजट भी जारी कर दी है। जिले में एम्बुलेंस की कमी को दूर करने के लिए 14 अतिरिक्त एम्बुलेंस और 1 शव वाहन उपलब्ध कराया जा चूका है। सरकार ने बजट में जिले के 7 उप स्वास्थ्य केन्द्रो को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उनयन करने की स्वीकृति भी दे चुकी है। इसके साथ ही जिले की स्वास्थ्य सुविधा को सुदृढ़ करने के लिए जिले को 138 करोड़ रूपये का अतिरिक्त आबंटन जारी किया जा चूका है। इस राशि का प्रयोग कुनकुरी में डाईलिसीस केंद्र स्थापित करने के साथ जिला चिकित्सालय में सी आर्म मशीन,लोदाम और मनोरा में ब्लड स्टोरेज मशीन,पत्थलगांव और बगीचा में वाशिंग मशीन और फरसाबहार में अत्याधुनिक एक्सरे मशीन स्थापित करने के लिए किया जाएगा।

**मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्थलगांव से गुमला तक हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रदेशवासियों को दी बधाई**

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**रायपुर:** मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा रायपुर से रांची नेशनल हाईस्पीड कारीडोर प्रोजेक्ट के अंतर्गत पत्थलगांव, जशपुर (छत्तीसगढ़) से गुमला (झारखंड) तक के लिए हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति मिलने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी और प्रधानमंत्री का आभार जताया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विशेष रूप से जशपुर निवासियों को इस हाई-स्पीड फोरलेन रोड परियोजना की स्वीकृति पर बधाई देते हुए कहा कि पत्थलगांव से गुमला तक फोरलेन सड़क के निर्माण से रायपुर और रांची के मध्य यात्रा सुगम होने के साथ-साथ यात्रा में समय की भी बचत होगी। सड़क परियोजना पूर्ण होने से दोनों राज्यों में विकास कार्यों की गति में तेजी आएगी। यह महत्वपूर्ण सड़क परियोजना दोनों राज्यों के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट में 50,655 करोड़ रूपए लागत और लगभग 936 किलोमीटर लंबाई की आठ राष्ट्रीय हाई-स्पीड रोड परियोजनाओं की स्वीकृति दिए जाने की जानकारी X पर साझा की है। उन्होंने कहा है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से आर्थिक उन्नति के साथ-साथ देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह बड़ा संयोग भी है कि दोनों आदिवासी बाहुल्य प्रदेश हैं और इस सड़क परियोजना से उन्हें विशेष लाभ होगा। नई सड़क से आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, और स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं तक पहुंच सुगम होगी। इससे दोनों प्रदेशों में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा और स्थानीय समुदायों के जीवनस्तर में सुधार होगा।

*छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रहा देश में धान का सर्वाधिक मूल्य**धान की बिक्री से 24 लाख 72 हजार किसानों के खाते में आए 32 हजार करोड़*

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फाइल फोटो : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय किसानों के मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते हुए *किसानों को मिला 13,320 करोड़ रूपए का बकाया धान बोनस* रायपुर, 02 अगस्त 2024/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी छत्तीसगढ़ की जनता के लिए विश्वास, विकास और बदलाव की गारंटी बन चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान कल्याण की नीतियों से खेती में किसानों का मुनाफा बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कई अहम निर्णय लिए गए हैं, जिनसे किसान परिवार अधिक सशक्त और फसल उगाने से लेकर उसे बेचे जाने तक की प्रक्रिया बेहद आसान हुई है। सरकार के परिवर्तनकारी फैसलों से छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है, जहां किसानों को उनके धान का उच्चतम मूल्य मिल रहा है। कृषक उन्नति योजना के जरिए छत्तीसगढ़ के किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीद की गारंटी दी जा रही है। इस फैसले से किसानों में उत्साह दिख रहा है। किसानों से अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ में की विष्णु देव साय की सरकार ने 25 दिसंबर 2023 को सुशासन दिवस के अवसर पर 13 लाख किसानों के बैंक खातों में पिछले दो वर्ष का लंबित धान बोनस का 3,716 करोड़ रुपये का भुगतान किया। किसानों को मिल रहे प्रोत्साहन का ही परिणाम है कि वर्ष 2023-24 में 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जिसके एवज में उन्हें 31,913 करोड़ रुपये का भुगतान कियागया। 12 जनवरी, 2024 को धान के मूल्य की अंतर राशि के रूप में 24.75 लाख किसानों को 13,320 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन करने का निर्णय भी लिया गया, जिसके लागू होने से अब अन्य प्रदेश के मंडी बोर्ड अथवा समिति के एकल पंजीयन अथवा अनुज्ञप्तिधारी, व्यापारी एवं प्रसंस्करणकर्ता भारत सरकार द्वारा संचालित ई-नाम पोर्टल (राष्ट्रीय कृषि बाजार) के माध्यम से अधिसूचित कृषि उपज की खरीदी-बिक्री बिना पंजीयन के कर सकेंगे, इससे छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों और विक्रेताओं को अधिकतम मूल्य मिल सकेगा। छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन के अनुसार मंडी फीस के स्थान पर अब मंडी फीस तथा कृषक कल्याण शुल्क शब्द जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही कृषक कल्याणकारी गतिविधियों के लिए मंडी बोर्ड अपनी वार्षिक आय की 10 प्रतिशत राशि छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण निधि में जमा करेगा। खेतों में काम करने वाले मजदूरों की समस्याओं को दूर करते हुए छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना संचालित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी, इस योजना के लिए सरकार ने वर्ष 2024-2025 के बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, इसके साथ ही सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीजों का वितरण भी समय के भीतर ही हो सके।

*शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर है हमारा विशेष जोर: मुख्यमंत्री श्री साय* *स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप 2024 कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री*

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रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  राजधानी रायपुर में आयोजित स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप 2024 कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन एक टीवी चैनल द्वारा किया गया, जिसमें 33 जिलों के 37 टॉपर बेटियों सहित कुल 42 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस पुरस्कार से न केवल बेटियों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि उन्हें आर्थिक सहायता भी मिल रही है। उन्होंने कहा, “गरीब परिवार के होनहार बच्चों के लिए यह एक बड़ी मदद है। खासकर, कॉलेज के दाखिले के समय पर इस स्कॉलरशिप से आगे की पढ़ाई सुगमता से हो पाएगी।” श्री साय ने बताया कि उनकी सरकार का विशेष जोर प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर है। बेटियों की पढ़ाई में स्कूल की दूरी बाधा न बने, इसके लिए सरस्वती सायकल योजना को पुनः शुरू किया गया है। उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों के लिए दिल्ली में ट्राइबल यूथ होस्टल की क्षमता को 80 से 185 सीटर बढ़ाने का भी उल्लेख किया, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को निःशुल्क व्यवस्था मिल सके। मुख्यमंत्री ने श्रमवीर परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की चिंता करते हुए बताया कि उन्हें 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है, जिसमें एक लाख स्कूटी खरीदने के लिए और एक लाख आगे की पढ़ाई के लिए है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पीएम श्री योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 211 स्कूलों को शामिल करने की भी घोषणा की गई। इस योजना के तहत एक स्कूल को 2 करोड़ की राशि दी जा रही है, जिससे स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए नई शिक्षा नीति लागू की गई है और बच्चों की स्किलिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि वे रोजगार के लिए भी तैयार हों। इस अवसर पर विधायक श्रीमती भावना वोहरा तथा आयोजक समूह के सदस्यगण उपस्थित थे।

**मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जिले में हाथी से जनहानि रोकने के लिए सक्रिय हुआ एनीमल ट्रेकर डिवाइस** **जशपुर में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन**

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जशपुर, 31 जुलाई 2024: छत्तीसगढ़ के सबसे अधिक हाथी प्रभावित जिलों में शामिल जशपुर में जनहानि को रोकने के लिए वन विभाग ने एक नया प्रयोग शुरू किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जिले को एनीमल ट्रेकर डिवाइस उपलब्ध कराया गया है। इस डिवाइस के माध्यम से हाथियों की हलचल से होने वाले जनहानि को रोका जा सकेगा। डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि क्षेत्र में हाथी के आने की सूचना मिलते ही एनीमल ट्रेकर ऐप पर बीट गार्ड ऑनलाइन सूचना एंट्री करेंगे। इसमें हाथियों की संख्या और उनके जाने की संभावना का विवरण दर्ज होगा। जैसे ही सूचना ऐप में दर्ज होती है, उस बीट क्षेत्र के 10,000 लोगों को एसएमएस और वॉइस मेसेज के माध्यम से सूचना पहुंच जाएगी। उपाध्याय ने बताया कि टेक्स्ट मैसेज के साथ ही वॉइस मेसेज भी ऐप में पंजीबद्ध मोबाइल पर पहुंचेगा। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक हाथियों की हलचल की सूचना पहुंचा कर, उन्हें विचरण वाले क्षेत्र से दूर रखना है, ताकि जनहानि ना हो। इस प्रयास के तहत जिला पंचायत में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षु आईपीएस एसडीओपी निखिल अग्रवाल, वन विभाग के एसडीओ, वन परिक्षेत्र अधिकारी, बीट गार्ड, और स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जिले में स्थापित होगा प्रदेश का पांचवां विद्युत 400 केव्ही सबस्टेशन* *कुनकुरी के हर्राडांड़ में 18.20 एकड़ भूमि कलेक्टर ने की आबंटित* *बिजली आपूर्ति में बाधा और लो वोल्टेज की समस्या से मिलेगी मुक्ति*

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जशपुर 30 जुलाई 2024 /  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पहल पर जिले में 400 केव्ही विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। सब स्टेशन स्थापित करने के लिए कुनकुरी ब्लाक के हर्राडांड़ में 18.20 एकड़ भूमि राज्य विद्युत वितरण कंपनी को कलेक्टर डॉ रवि मित्तल ने आबंटित कर दिया है। विद्युत विभाग के डीई एन आर भगत ने बताया कि इस सब स्टेशन के बन जाने से जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में आमूलचूल सुधार आएगा। उन्होनें बताया कि फिलहाल जिले में 132 केव्ही लाइन में बिजली की आपूर्ति बिलासपुर स्थित सब स्टेशन से होती है। दूरी अधिक होने के कारण तकनीकि समस्या आती रहती है। जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित होती है। कई बार लो वोल्टेज की समस्या का सामना भी करना पड़ता है। उन्होनें बताया कि इस सब स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो जाने से ये सारी समस्याएं बीते दिनों की बात हो जाएगी और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इसके साथ ही पड़ोसी राज्य झारखंड को होने वाली बिजली आपूर्ति भी सुचारू और बेहतर हो सकेगी। जिले में सब स्टेशन बन जाने से झारखंड जाने वाली ट्रांसमिशन लाइन की गुणवत्ता में सुधार आ सकेगा। जिससे वहां के उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी।उल्लेखनिय है कि जिले में बुनियादी सुविधा पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क में सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार तेजी से काम कर रही है। बीते 8 माह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जिले में 220 बिस्तर वाले सर्वसुविधा अस्पताल की स्वीकृति के साथ ही जिले को 7 विशेषज्ञ चिकित्सक मिल चुके हैं। इसके साथ ही कुनकुरी में कृषि अनुसंधान केन्द्र और मयाली नेचर कैम्प को देश के पर्यटन नक्शे में लाने के लिए 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति केन्द्र सरकार दे चुकी है। विद्युत व्यवस्था दुरस्त करने जिले में स्थापित हुए 176 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में विद्युत वितरण व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन तेजी से काम कर रही है। डीई भगत ने बताया कि जिले में विद्युत व्यवस्था को सुधार के लिए जिले को अतिरिक्त 274 ट्रांसफार्मर की स्वीकृति मिली हैं। इनमें से 176 ट्रांसफार्मर को लगाया जा चुका है। बिजली व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए लाइन और ट्रांसफार्मर को मेन्टेनेंस पर जोर दिया जा रहा है। खराब मौसम सहित अन्य कारणों से फाल्ट आने पर विद्युतकर्मी तत्काल इसमें सुधार के लिए पहल करते हैं। इसके लिए विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को alert पर रखा गया है।साथ कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।जिससे जिले की विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से सप्लाई की जा सके।