गोकुलाष्टमी पर्व के शताब्दी वर्ष पर कंडोरा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब — मूढू बाबा की परंपरा आज भी जीवंत, 100 वर्षों से अटूट आस्था का पर्व

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गोकुलाष्टमी पर्व के शताब्दी वर्ष पर कंडोरा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब — मूढू बाबा की परंपरा आज भी जीवंत, 100 वर्षों से अटूट आस्था का पर्व अष्टमी के दिन आयुष जल से मां यशोदा अपने कान्हा को कराती हैं स्नान संतोष चौधरी जशपुर,12 नवंबर 2025 – महाकुल समाज के आराध्य भक्त प्रहलाद उर्फ मूढू बाबा द्वारा 1925 में प्रारंभ की गई गोकुलाष्टमी बाल लीला की परंपरा इस वर्ष अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। यह अनूठा पर्व आज भी कंडोरा गांव में उसी रीति-रिवाज और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है, जैसा एक शताब्दी पूर्व प्रारंभ हुआ था।आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में गूंजेगा “जय यादव जय माधव”।   यह बाल लीला सप्तमी की रात से प्रारंभ होती है, जब नौ प्रकार की जड़ी-बूटियों को मिलाकर आयुष जल तैयार किया जाता है। अष्टमी की भोर चार बजे अविवाहित बालक-बालिकाओं को इस आयुष जल से स्नान कराया जाता है, फिर उन्हें तिलक-चंदन लगाकर नए वस्त्र पहनाए जाते हैं। चावल के आटे, शकरकंद, छेना और घी से बनी मीठी रोटी तैयार की जाती है, जिसे दही के साथ प्रसाद स्वरूप बच्चों और उपस्थित जनों को वितरित किया जाता है। घर-घर में यही प्रसाद प्रेमपूर्वक परोसा जाता है।       इस बाल लीला का उद्देश्य है — “बालकों की आयु बढ़े तो वंश वृद्धि होगी”, इसी मंगलकामना के साथ महाकुल समाज में गोकुलाष्टमी पर्व मनाया जाता है।   गांव के बुजुर्ग ग्राम पटेल निराकार यादव बताते हैं कि इस परंपरा की शुरुआत स्वर्गीय मूढू बाबा ने की थी, जिन्होंने धर्म, भक्ति और गौसेवा के पथ पर जीवन समर्पित किया। उन्होंने चारों धाम की पैदल यात्रा की थी और प्रायः मथुरा-वृंदावन जाकर गोसेवा में लीन रहते थे। मूढू बाबा कंदोरा और बोडोकछार — दोनों गांवों के जमींदार थे और लगभग 120 एकड़ भूमि के स्वामी थे। उनके तीन पुत्र हुए, जिनमें सबसे छोटे चेतन बोडोकछार में बस गए, जबकि अन्य दो पुत्र कंदोरा में ही रहे। मूढू बाबा ने 1942 में देह त्याग किया।   निराकार यादव बताते हैं कि महाकुल समाज के पूर्वज कृष्णवंशज थे, जो उड़ीसा के संबलपुर क्षेत्र से पलायन कर छत्तीसगढ़ के धर्मजयगढ़, लैलूंगा और आसपास के क्षेत्रों में बस गए। कहा जाता है कि जब उनके सामने खाड़ूंग नदी पड़ी, तो उन्होंने अपने इष्टदेव का सुमिरन किया और नदी सूख गई — जिससे वे सुरक्षित पार हो सके। धीरे-धीरे महाकुल समाज की आबादी बढ़ी और रायगढ़, जशपुर, बिलासपुर सहित पूरे अंचल में फैल गई।   ऐतिहासिक प्रमाणों के अनुसार मूढू बाबा का जन्म 1831 में बोडोकछार गांव के मंगल भगत के घर हुआ था। 1910 में उन्होंने कंदोरा में खसरा नंबर 223 के 14 एकड़ 40 डिसमिल क्षेत्र में आम के पौधे लगाए, जो आज “अमराई” के नाम से प्रसिद्ध है। यही स्थान अब महाकुल समाज के यज्ञ नगर – गोकुलधाम के रूप में प्रतिष्ठित है। मूढू बाबा ने उड़िया भाषा में भागवत पुराण, हरिवंश पुराण और महाभारत के पवित्र ग्रंथों का निर्माण करवाया, जो आज भी सुरक्षित हैं और अष्टमी के दिन गोकुलधाम में पूजा के लिए रखे जाते हैं।   मूढू बाबा का जशपुर राज परिवार से गहरा संबंध था। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान राजा देवशरण सिंह जूदेव ने उन्हें राजसी विवाह समारोह का विशेष न्यौता भेजा था, जिसका प्रमाण आज भी मौजूद है।   1963 से कंदोरा की अमराई में गोकुलाष्टमी मेला प्रारंभ हुआ, जो इस वर्ष अपने 62वें वर्ष में है। अब यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में महाकुल समाज की आस्था, एकता और परंपरा का प्रतीक बन चुका है। इस वर्ष के गोकुलाष्टमी शताब्दी पर्व को भव्यता देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, पद्मश्री जगेश्वर राम यादव, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, प्रांताध्यक्ष परमेश्वर यादव, रणविजय सिंह जूदेव, राधेश्याम राठिया, गोमती साय, रायमुनि भगत और प्रबल प्रताप सिंह जूदेव जैसे कई प्रमुख अतिथि शामिल हो रहे हैं। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, वहीं मेले में दुकानदार अपनी दुकानें सजा रहे हैं और मंच की तैयारी अंतिम चरण में है।   गोकुलाष्टमी पूजा समिति के अध्यक्ष रविशंकर यादव, उपाध्यक्ष कुंवर यादव, कोषाध्यक्ष बिन्नू यादव, सचिव विनोद कुमार यादव एवं सह सचिव गुले यादव अपनी कार्यकारिणी के साथ आयोजन की सफलता हेतु सक्रिय रूप से जुटे हैं।   गोकुलधाम की यह 100 वर्षीय परंपरा आज भी न सिर्फ आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश देती है —“जहां भक्ति है, वहां वंश की समृद्धि और समाज की एकता सदैव बनी रहती है।”

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल – कुनकुरी को मिला बड़ा उपहार,359 करोड़ की लागत से बनेगा शासकीय मेडिकल कॉलेज भवन*

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल – कुनकुरी को मिला बड़ा उपहार, 359 करोड़ की लागत से बनेगा शासकीय मेडिकल कॉलेज भवन स्वास्थ्य, सिंचाई और सड़क परियोजनाओं को मिली करोड़ों की स्वीकृति, जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास को नई रफ्तार   रायपुर/जशपुर, 11 नवम्बर 2025. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास की गूंज अब गांव-गांव तक सुनाई देने लगी है। मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और जनहितैषी नेतृत्व के परिणामस्वरूप जशपुर जिले को आज बड़ा तोहफा मिला है। प्रदेश सरकार ने कुनकुरी में 359 करोड़ रुपये की लागत से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए वित्त विभाग से सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।   यह मेडिकल कॉलेज जशपुर जैसे आदिवासी अंचल के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के सुनहरे अवसर मिलेंगे और क्षेत्र के लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ अपने ही जिले में उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को नई दिशा मिल रही है, जिससे प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित हो सकेगी।   मुख्यमंत्री साय ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि “विकास की दौड़ में कोई क्षेत्र पीछे न रहे” — यही सोच अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है।   इसके साथ ही वित्त विभाग ने जिले में कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी है —   कांसाबेल विकासखंड की मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई योजना के लिए ₹79.38 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित होगी, जिससे वर्षभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।   फरसाबहार तहसील क्षेत्र में तुमला से मेडर (ओडिशा सीमा) तक 12.80 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य हेतु ₹27.73 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।   वहीं फरसाबहार विकासखंड की कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए ₹16.17 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है, जो जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था में दीर्घकालिक सुधार लाएगी। इन योजनाओं के माध्यम से विष्णुदेव साय ने एक बार फिर साबित किया है कि उनका लक्ष्य केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि “धरातल पर विकास की मजबूत नींव” रखना है।   कुनकुरी और पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत ये परियोजनाएँ न केवल स्वास्थ्य, कृषि और सड़क सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि आने वाले वर्षों में जशपुर जिले को प्रदेश के विकास मानचित्र पर अग्रणी स्थान पर ले जाएँगी।  

COLLECTOR VISIT:*मुख्यमंत्री ने कुनकुरी छठ घाट के सौन्दर्यकरण हेतु 5 करोड़ 17 लाख दी स्वीकृति* *कलेक्टर ने डेम किनारे गणमान्य नागरिकों के साथ की चर्चा,बताया प्लान* 

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*कलेक्टर श्री व्यास ने कुनकुरी छठ घाट का किया निरीक्षण*  *मुख्यमंत्री ने कुनकुरी छठ घाट के सौन्दर्यकरण हेतु 5 करोड़ 17 लाख दी स्वीकृति*  *जशपुर 30 अक्टूबर 2025/* कलेक्टर  रोहित व्यास ने गुरुवार को‌ नगरी निकाय कुनकुरी के छठ घाट का निरीक्षण किया और स्थानीय जनप्रतिनिधीयों के साथ समीक्षा बैठक लेकर कुनकुरी के छठ घाट के सौंदर्यीकरण के लिए सुझाव भी लिए। कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कुनकुरी छठ घाट के सौंदर्यीकरण के लिए 5 करोड़ 17 लाख की स्वीकृति दी गई है। इस राशि का उपयोग कुनकुरी के विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने कुनकुरी छठ घाट के आस-पास सीमांकन करने और मुआवजा राशि का भी समाधान करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार यादव, एसडीएम नन्द जी पांडे, नगर निकाय के अधिकारी और आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनीधियों के साथ आम नागरिकों ने सुझाव भी दिए हैं। कलेक्टर ने कुनकुरी विसर्जन तालाब, उद्यान आदि अन्य जगहों के देख-रेख साफ सफाई के लिए समिति बनाने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि जन आस्था का सम्मान और लोक संस्कृति का संवर्धन हेतु शहर में छठ तालाब विकास की स्वीकृति मिली है। जिसके तहत् कुनकुरी छठ घाट की सफाई की जाएगी। रिटर्निंग वाल, गाद की साफ सफाई, दो स्वागत गेट, पचरी निर्माण, 10 नग वोट , फाउंटेन,10 नग पैर वाले वोट, सौलर लाइट, 50 नग लाइट, पाथ-वे, सेल्फी पाइंट, बच्चों के खेलने के लिए छोटे उद्यान और ओपन जिम की व्यवस्था, बैठने की चेयर, शौचालय, चेंजिंग रूम, आदि अन्य कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के सड़क मार्ग से गुजरने का गड्ढों पर हुआ बड़ा असर,मिट्टी से ही भरने लगे गड्ढे

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आंखो-देखी  जशपुर जिले में अश्वत्थामा का घाव बन चुका नेशनल हाईवे 43 पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कृपा हुई है। गड्ढेयुक्त घाव को मृदा चिकित्सा के जरिए भरा जा रहा है।जिसे देखकर राहगीर अभी राहत महसूस करते हुए भविष्य में उड़ते धूल की आशंका से घबरा भी रहे हैं।हालांकि ज्यादातर लोग इस बात को लेकर खुश हैं कि चलो सीएम साहब सड़क से आए तो इस अहिल्या बनी कुनकुरी का उद्धार होना तय हुआ।यह सुखद खबर कुनकुरी शहर से आई है। दरअसल,तीन दिन पहले कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में छठ पूजा मनाने आए यहां के विधायक मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय जी का वायुमार्ग के अलावा सड़कमार्ग से भी भ्रमण हुआ।इस दौरान उन्हें सड़क पर गड्ढों नहीं,नहीं गड्ढों पर सड़क,नहीं नहीं साफ समझें तो खराब सड़क से दो -चार होना पड़ा होगा। यह अंदाजा लगाकर कहा जा रहा है कि खराब सड़क पर हिचकोले खाने के बाद ही तो आज सड़क के गड्ढे भरते देखे गए हैं।वैसे भी सीएम साहब के बारे में यह क्लियर बात है कि वे सहज,सरल हैं।खस्ताहाल सड़क देखने के बाद हो सकता है उन्होंने यह कहा हो कि ‘सड़क को चलने लायक तो बना दीजिए।’ अब सीएम साहब की मर्जी जानने के बाद अधिकारी हरकत में आए और इस सड़क को फिर से चलने लायक बनाने में जुट गए हैं। VVIP सिटी होने का गौरव हासिल कर चुके कुनकुरी शहर से गुजरने वाली नेशनल हाईवे सड़क पर गड्ढे भरने का काम द्रुतगति से चल रहा है।इसे दुर्गति ना समझें। वैसे भी कुनकुरी क्षेत्र ही नहीं अपितु समस्त जशपुर जिले को पर्यटन के क्षेत्र में,धार्मिक महत्त्व के क्षेत्र में वैश्विक पहचान देने के लिए मुख्यमंत्री जी स्वयं सक्रिय हैं।सुनने में आया है कि पंडित प्रदीप मिश्रा के बाद दिसंबर में बागेश्वर धाम से पंडित धीरेन्द्र शास्त्री आने वाले हैं।ऐसे में जशपुर जिले का नाम पूरे देश की सुर्खियों में रहेगा। राजनीति के पंडितों को कहना है कि जिस प्रकार से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मोदी की गारंटी पर सरलता और सहजता के साथ सरकार चला रहे हैं नहीं लगता कि आने वाले दिनों में उन लोगों को राहत मिल पाए जो कतार में खड़े हैं। दस विभागों के साथ मुख्यमंत्री का ओहदा लेकर चलना हर किसी के वश की बात नहीं है।एक छोटे गांव के जमींदार परिवार से आने वाले सीएम साय सुनते सबकी हैं लेकिन करना कितना है,यह केवल वो ही तय करते हैं। बहरहाल, हमारी सड़क पर काम चालू है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय धर्मपत्नी के साथ पहुंचे छठ घाट, सर में पूजा सामग्री ढोकर आते मुख्यमंत्री की EXCLUSIVE तस्वीरें

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जशपुर 28 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने आज छठ महापर्व त्यौहार के अवसर पर जशपुर के कुनकुरी छठ घाट में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को छठ पूजा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज बड़े ही सौभाग्य का दिन है कि मुझे अपने विधानसभा क्षेत्र में छठ पर्व में शामिल होने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कहा कि कुनकुरी छठ घाट के लिए लगभग 5 करोड़ 17 लाख की राशि से छठ का घाट का सौन्दर्यकरण किया जाएगा इस वर्ष के छठ महापर्व में व्रती महिलाएं छठ घाट में पूरे श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना भी कर रही है। इस अवसर पर बीजेपी जिलाध्यक्ष भरत सिंह,कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित छठ पूजा करने वाली व्रती महिलाएं और जनप्रतिनिधीगण और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में मौजूद थे। *छठ पर्व का धार्मिक महत्व सूर्य उपासना:* सूर्य देव को जीवन, ऊर्जा, और स्वास्थ्य का स्रोत माना गया है। छठ पूजा में सूर्य की आराधना करके श्रद्धालु उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। छठ महापर्व में व्रती (उपासक) पूरी तरह शुद्धता, और आस्था के साथ चार दिनों तक उपवास, स्नान, और पूजा करती है। छठ पूजा में समाज के सभी लोग मिलकर घाट सजाते हैं, प्रसाद बनाते हैं और एक साथ पूजा करते हैं।

जशपुर से बड़ी खबर : ड्राइवर महासंगठन की मांगों पर सरकार से मिला सकारात्मक आश्वासन, बस स्टैंड पर मना जश्न

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जशपुर से बड़ी खबर : ड्राइवर महासंगठन की मांगों पर सरकार से मिला सकारात्मक आश्वासन, बस स्टैंड पर मना जश्न जशपुर,कुनकुरी 26 अक्टूबर 2025 – अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन को आखिरकार बड़ी सफलता मिल गई है। रविवार को जशपुर बस स्टैंड पर उस समय खुशी का माहौल बन गया जब संघ के पदाधिकारियों ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दे दिया है। इस सूचना के मिलते ही बस स्टैंड जशपुर,कुनकुरी पर मौजूद ड्राइवरों और संगठन के सदस्यों ने जोरदार आतिशबाजी की और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर अपनी खुशी जाहिर की। माहौल में खुशी और एकजुटता की झलक स्पष्ट दिखाई दी। संघ के जिलाध्यक्ष फिरन यादव, उपाध्यक्ष ललित यादव, सचिव मुन्ना खान और वरिष्ठ सदस्य चार्जे तिर्की ने बताया कि सरकार से मिले इस सकारात्मक आश्वासन ने पूरे ड्राइवर संघ में नई ऊर्जा भर दी है। उन्होंने कहा — “हमने अपनी जायज मांगों को सरकार के सामने रखा था, और अब जब उस पर सहमति बनी है, तो यह हमारे पूरे समुदाय के लिए बड़ी जीत है।” संघ के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं जशपुर जिले से आते हैं, इसलिए उन्होंने ड्राइवर समाज की समस्याओं को करीबी दृष्टि से समझा और संवेदनशीलता के साथ समाधान का आश्वासन दिया। पदाधिकारियों ने कहा — “हमारे मुख्यमंत्री का जशपुर से होना हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने हमारी तकलीफों को समझा और हमारी आवाज को महत्व दिया। हम तहे दिल से उनका धन्यवाद करते हैं।” बस स्टैंड पर मिठाइयों का वितरण भी किया गया और ड्राइवरों ने इस सफलता को “संघ की एकजुटता की जीत” बताया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर प्रवास आज,करेंगे सोहरई करमा महोत्सव का शुभारंभ — दीपावली पर अपने गृहग्राम बगिया में करेंगे रात्रि विश्राम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर प्रवास आज, करेंगे सोहरई करमा महोत्सव में शामिल — दीपावली पर अपने गृहग्राम बगिया में करेंगे रात्रि विश्राम जशपुर,19 अक्टूबर 2025 – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दिनांक 19 अक्टूबर 2025 (रविवार) को अपने एकदिवसीय जशपुर प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह 11:40 बजे रायपुर स्थित निवास सिविल लाइन से कार द्वारा पुलिस ग्राउंड हेलीपैड पहुँचेंगे, जहाँ से वे हेलीकॉप्टर द्वारा जशपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर 1:10 बजे माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान हेलीपैड, ग्राम कडोरा (गोकुला आमा बगीचा) पहुँचने का कार्यक्रम है। जहां “महासम्मेलन (सोहरई करमा महोत्सव 2025)” का शुभारंभ करेंगे। यह कार्यक्रम ग्राम कडोरा (गोकुला आमा बगीचा) में अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के तत्वावधान में आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री साय दोपहर 1:15 से 2:15 बजे तक महासम्मेलन में शामिल होकर समाज के प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। तत्पश्चात 2:15 से 2:45 तक का समय आरक्षित रखा गया है। कार्यक्रम उपरांत मुख्यमंत्री दोपहर 2:50 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा कुनकुरी से प्रस्थान कर 3:10 बजे बगिया हेलीपैड  पहुँचेंगे। इसके बाद वे कार द्वारा अपने निज निवास बगिया जाएंगे। दीपावली पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रात्रि अपने गृहग्राम बगिया में विश्राम करेंगे। अगले दिन 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) का कार्यक्रम आरक्षित रहेगा। दीपावली पर्व पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले में आने की खबर से जिलेवासियों में हर्ष का माहौल है। रौतिया समाज ने महासम्मेलन को भव्य बनाने के लिए खूब मेहनत की है।

जशपुर में 15 अक्टूबर को होगा फिल्म अर्पण का पोस्टर विमोचन, डॉ हरविंदर मांकड़ और आदेश शर्मा रहेंगे विशेष अतिथि

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जशपुर में 15 अक्टूबर को होगा फिल्म अर्पण का पोस्टर विमोचन, डॉ हरविंदर मांकड़ और आदेश शर्मा रहेंगे विशेष अतिथि जशपुर,12 अक्टूबर 2025/ जशपुर की धरती एक बार फिर बड़ी सांस्कृतिक और प्रेरणादायक घटना की साक्षी बनने जा रही है। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ ग्रेस कुजूर के संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित फिल्म अर्पण का भव्य पोस्टर विमोचन समारोह 15 अक्टूबर को जशपुर में आयोजित होगा। पॉपकॉर्न फ्लिक्स इंडिया के प्रोडक्शन हेड संतोष चौधरी ने बताया कि इस अवसर पर एपीजे अब्दुल कलाम पर पुस्तक लिखने वाले प्रसिद्ध लेखक और लोटपोट पत्रिका के मोटू पतलू के क्रिएटर, सुप्रसिद्ध कार्टूनिस्ट डॉ हरविंदर मांकड़ तथा बालाजी फिल्म्स इंडिया के संस्थापक आदेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। खास बात है कि पॉपकॉर्न फ्लिक्स इंडिया की फिल्म अर्पण में नायिका की भूमिका स्वयं डॉ ग्रेस कुजूर ने निभाई है। कार्यक्रम में पूर्व सैनिक भी विशेष रूप से आमंत्रित हैं, क्योंकि डॉ ग्रेस के पिता स्वर्गीय स्तानिसलास कुजूर भारतीय सेना के वीर सैनिक रहे हैं, जिन्होंने चार लड़ाइयां, 1962, 1965, 1971 तथा गोवा मुक्ति संग्राम में अपनी वीरता का प्रदर्शन किया था। डॉ हरविंदर मांकड़ ने कहा कि “जशपुर की खूबसूरत और अनछुई वादियाँ मुझे दोबारा खींच लाई हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी की स्वच्छ पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता अनुकरणीय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ माँ के नाम अभियान की सफलता देखकर यह फिल्म उसी भावना को समर्पित है।” वहीं, आदेश शर्मा ने भी डॉ ग्रेस के कार्यों से प्रभावित होकर समारोह में शामिल होने की सहमति दी है। वे पिछले 35 वर्षों से मीडिया और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं और तथास्तु इंडिया, वायदूत न्यूज नेटवर्क, बालाजी फिल्म्स के संस्थापक होने के साथ ही दूरदर्शन स्ट्रिंगर फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव के रूप में कार्यरत हैं। यह समारोह न केवल जशपुर की कला और सौंदर्य को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने वाला साबित होगा, बल्कि डॉ ग्रेस कुजूर के प्रेरक जीवन की कहानी को भी जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा।

*कुनकुरी को मिला स्वास्थ्य सेवाओं का नया वरदान, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर 8 करोड़ 77 लाख की लागत से गिनाबहार में 50 बिस्तरीय मातृ-शिशु चिकित्सालय का निर्माण कार्य शुरू…*

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जशपुर/कुनकुरी –  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात दी है। जिले के कुनकुरी ब्लॉक अंतर्गत गिनाबहार में 50 बिस्तरीय मातृ-शिशु चिकित्सालय का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। लगभग 8 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत से बनने वाला यह अस्पताल क्षेत्रवासियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण, जिले के विकास और लोगों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके बन जाने से न केवल जशपुर बल्कि आसपास के ग्रामीण अंचलों की माताओं, बहनों और बच्चों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर उपचार और देखभाल मिल सकेगी। उन्होंने अधिकारियों व निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता में कोई समझौता न हो और निर्धारित समय सीमा में अस्पताल का निर्माण पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। क्षेत्रवासियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया और कहा कि अब मरीजों को इलाज के लिए दूर दराज नहीं जाना पड़ेगा। *स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में बढ़ता जशपुर* मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में लगातार स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है। हाल के वर्षों में अनेक योजनाओं को मूर्त रूप दिया गया है। जिले को 220 बिस्तर का आधुनिक अस्पताल मिल चुका है, वहीं 35 करोड़ की लागत से कल्याण आश्रम में अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण हो रहा है। आधा दर्जन नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति दी गई है, 11 अतिरिक्त एम्बुलेंस और 2 शव वाहन की व्यवस्था भी की गई है। मातृ-शिशु देखभाल को प्राथमिकता देते हुए नए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य तेज़ी से शुरू किया गया है। इन पहलों से आने वाले समय में जिले के आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा और जशपुर स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी जिला बनकर उभरेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवरात्रि पर्व की प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

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जशपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने कहा कि शक्ति उपासना का यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा का संचार करे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि नवरात्रि का पर्व मातृ शक्ति की आराधना और श्रद्धा का प्रतीक है। यह पर्व हमें सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि इस पावन पर्व को आपसी भाईचारे और सौहार्द की भावना के साथ मनाएं।श्री साय ने कामना की है कि देवी मां की कृपा से प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का जीवन सुखमय बने और छत्तीसगढ़ प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर होता रहे।